उर्वरक की उपलब्धता एवं Farmer ID को लेकर किसानों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न न करें: मंत्री

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों के बीच किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं फैलाया जाए।

पटना: कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों के बीच किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं फैलाया जाए। सरकार द्वारा राज्य में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ इसकी आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। किसानों को उनकी वास्तविक आवश्यकता एवं मृदा जाँच के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि उर्वरक की उपलब्धता एवं Farmer ID में दर्ज भूमि के रकबे को लेकर किसानों के बीच किसी भी प्रकार का अनावश्यक भ्रम नहीं फैलाया जाना चाहिए। यदि किसी किसान को Farmer ID में दर्ज भूमि के रकबे के कारण उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे तत्काल कृषि विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 अथवा संबंधित विभागीय पदाधिकारी को इसकी सूचना दें। यदि कहीं उर्वरक की उपलब्धता में कमी है या किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में परेशानी हो रही है, तो स्थान एवं समस्या का स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि विभाग द्वारा तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने कहा कि उर्वरक की आवश्यकता वाले किसी भी किसान को अनावश्यक रूप से परेशान होने की जरूरत नहीं है। यदि किसी क्षेत्र में उर्वरक की उपलब्धता या वितरण में समस्या है, तो संबंधित खुदरा विक्रेता इसकी सूचना जिला स्तर पर जिला कृषि पदाधिकारी, राज्य मुख्यालय में कृषि निदेशालय अथवा कृषि निदेशक और प्रधान सचिव, कृषि विभाग को दे सकते हैं। इस संबंध में कृषि मंत्री को भी आवेदन दिया जा सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित स्थान, प्रतिष्ठान, उर्वरक के प्रकार तथा उपलब्धता से जुड़ा विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि समस्या के समाधान के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

कृषि मंत्री ने कहा कि खुदरा विक्रेताओं तक उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित उर्वरक कंपनियों की है। जिला स्तर पर जिला कृषि पदाधिकारी तथा राज्य स्तर पर कृषि निदेशक द्वारा उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था का लगातार अनुश्रवण किया जा रहा है। कंपनियों द्वारा खुदरा विक्रेताओं तक समय पर उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित हो, इसके लिए भी आवश्यक निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उर्वरक की बिक्री एवं वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य किसानों को निर्धारित आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराना तथा वितरण व्यवस्था में अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।

मंत्री ने कहा कि उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण एवं अनधिकृत बिक्री को रोकने के लिए कृषि विभाग के पदाधिकारी जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय कर लगातार छापामारी एवं जाँच अभियान चला रहे हैं। जहाँ भी अनियमितता की सूचना प्राप्त हो रही है, वहाँ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। किसान किसी भी समस्या की स्थिति में सीधे कृषि विभाग के संबंधित पदाधिकारी अथवा हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना दें। गलत समाचार, अफवाह अथवा भ्रामक सूचनाओं के आधार पर दिग्भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। सरकार किसानों की हर वास्तविक समस्या के समाधान के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है तथा राज्य में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।