पटना: बिहार डाक परिमंडल ने राजस्व अर्जित करने के मामले में उल्लेखनीय उपलब्धिक को हासिल किया है। परिमंडल ने राजस्व अर्जन के मामले में अब तक देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। विश्व डाक दिवस के मौके पर बिहार परिमंडल की मुख्य डाक महाध्यक्ष शशि शालिनी कुजूर ने यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि विगत वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार डाक परिमंडल ने कुल बासठ लाख खाता खोलकर पूरे भारत में प्रथम स्थान प्राप्त किया था ।
डाक की उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि ग्रामीण डाक जीवन बीमा व्यवसाय अर्जन में विगत वर्ष में पूरे देश में बिहार डाक परिमंडल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया था | इस वित्तीय वर्ष में कुल 56,890 नए ग्रामीण डाक जीवन बीमा / डाक जीवन बीमा योजना के अंतर्गत नए पालिसी खोले गए हैं। जिसकी बीमित राशि 3136.17 करोड़ है एवं प्रीमियम राशि 47 करोड़ से अधिक है । इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक दो लाख से अधिक लोगों को ग्रामीण डाक जीवन बीमा /डाक जीवन बीमा योजना से जोड़ने की योजना है। वर्तमान में वित्तीय समावेशन के अंतर्गत 1.92 करोड़ बचत खाता खोले गए है एवं एक करोड़ नए खाता धारकों को विभागीय वित्तीय सेवा से जोड़ने का लक्ष्य है।
स्पीड पोस्ट में पिछले वर्ष कि अपेक्षा 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर 1.6 लाख स्पीड पोस्ट एवं पार्सल में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर छह लाख पार्सल बुक की गयी है। इस वित्तीय वर्ष में भी बिहार डाक परिमंडल पुरे देश में राजस्व प्राप्ति में द्वितीय स्थान पर बना हुआ है। ग्राहकों के बेहतर सुविधा हेतु पटना, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, बरौनी, गया एवं अन्य डाकघरों में 24 X 7 बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। बिहार में 315 विभिन्न डाक घरों के माध्यम से आधार सेवाएँ जन-जन तक पहुँचाते हुए 6.35 लाख से अधिक आधार सेवा अद्यतन एवं नामांकन का कार्य किया गया है साथ ही 38 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र के माध्यम से 1.60 लाख से अधिक नए पासपोर्ट बनाये गए है।
उन्होंने जानकारी दी कि बिहार डाक परिमडल में एक जनरल पोस्ट ऑफिस, 32 प्रधान डाकघर, 1044 उप डाकघर तथा 8284 शाखा डाक घर कार्यरत है। आधारभूत संरचना को और बेहतर करने के लिए बिहार डाक परिमंडल द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान तीन नए डाकघर (गया, मीठापुर-पटना, और पियार-मुजफ्फरपुर) सफलतापूर्वक बनाए गए है। सहदेई बुजुर्ग (वैशाली) और बहियारी (सिवान) के निर्माण का प्रस्ताव डाक निदेशालय को भेजा गया है। जबकि जन सेवा कनेक्ट के तहत पाटलिपुत्र उप डाकघर का नवीनीकरण पूरा हो चुका है, जबकि गया आरएस, भागलपुर सिटी और किशनगंज उप डाकघर का कार्य चालू वित्त वर्ष में पूरा किया जाएगा। ऊर्जा दक्षता के लिए हाजीपुर, सीतामढ़ी और पूर्णिया प्रधान डाकघर में सोलर पावर पैक लगाने का कार्य इस वित्त वर्ष में पूरा किया जायेगा |
युवाओं को जोड़ने और परिसरों (जैसे आईआईटी पटना, मगध विश्वविद्यालय, कामेश्वर सिह संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज, भागलपुर एवं डाक्टर राजेन्द्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (समस्तीपुर), आदि) को डिजिटल हब बनाने के लिए कई एन-जेन डाकघर स्थापित किए गए हैं और बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर, एजी बाजार उप डाकघर, नालंदा उप डाकघर, टीएनबी कॉलेज, भागलपुर एव एसएन सिन्हा कॉलेज, औरंगाबाद का अग्रेतर कार्य प्रगति पर है। दिव्यागों के लिए रैप तथा महिला शौचालयों के निर्माण हेतु इस वितीय वर्ष में सुहिर्द नगर महिला डाकघर, सिवान प्रधान डाकघर और सीतामढ़ी प्रधान डाकघर का चयन किया गया है।
डाक/पार्सल के वितरण में बिहार परिमंडल की उपलब्धियाँ भी हैं। उन्होंने जानकारी दी कि बिहार परिमंडल द्वारा हर महीने लगभग 50 लाख स्पीड पोस्ट और 2.75 लाख पार्सल का वितरण किया जा रहा है। प्रमुख शहरी क्षेत्रों में तेज सेवा के लिए वर्तमान में 14 इंट्रा-सिटी डिलीवरी सेंटर (IDCs) कार्यरत हैं, जो प्रति माह लगभग 5 लाख वस्तुओं का प्रसंस्करण करते हैं। अप्रैल 2026 से कैश-ऑन-डिलिवरी वस्तुओं पर डिजिटल भुगतान की सुविधा शुरू की गई है, जिसके तहत 70 हजार से अधिक लेन-देन (लगभग ₹9.25 करोड़) हो चुके हैं। एडवांस पोस्टल टेक्नोलॉजी (APT 2.0) प्लेटफॉर्म के माध्यम से बुकिंग से लेकर अंतिम डिलीवरी तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाया गया है। डाक कर्मियों को डिलीवरी प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने तथा रियल-टाइम जानकारी दर्ज करने के लिए मोबाइल-फ्रेंडली 'डोर स्टेप सर्विसेज' (DSS) ऐप उपलब्ध कराया गया है।
बिहार डाक परिमंडल में 1635 शाखा डाकघर का स्थानान्तरण पंचायत सरकार भवन में किया गया है। जिससे आमजन को बेहतर दृश्यता और सुविधा प्रदान किया जायेगा। डाक निदेशक मुख्यालय प्रियंका जैन ने बताया कि डाक विभाग अपने सेवाओं को जनमानस तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिसके तहत डाक सेवा एप्प, डिजिटल भुगतान, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाईल बैंकिंग, बुकिंग एवं वितरण में ट्रैक एवं ट्रेस की सुविधाओं के साथ अधुनिकीकरण की नई ऊचाईयों के साथ अग्रसर है ।