वैशाली : बिहार में एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वैशाली जिले के चांदपुरा थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने का दावा किया जा रहा है, जिसमें एक महिला को पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर घसीटते हुए देखा जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या किसी नागरिक के साथ पुलिस इस तरह का व्यवहार कर सकती है?
परिजनों की ओर से पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट और महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं
परिजनों की ओर से पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट और महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बल प्रयोग किया, जिसमें एक महिला घायल हो गई। हालांकि, वायरल वीडियो की पूरी परिस्थितियों और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है। ऐसे में पुलिस और पीड़ित पक्ष दोनों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बेहद जरूरी है।
अब वैशाली SP से सीधा सवाल
अगर वीडियो में दिखाई दे रहा घटनाक्रम वास्तविक है और पुलिसकर्मियों ने नियमों के विपरीत बल प्रयोग किया है, तो क्या वैशाली एसपी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर ठोस विभागीय कार्रवाई करेंगे? क्योंकि पुलिस को कानून लागू करने का अधिकार जरूर है, लेकिन वह अधिकार भी कानून और निर्धारित प्रक्रिया की सीमा के भीतर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी और हिरासत के दौरान नागरिकों के अधिकारों तथा पुलिस की जवाबदेही को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं।
क्या वर्दी देखकर नहीं, कानून के मुताबिक, कार्रवाई होगी?
गौर करने वाली बात यह भी है कि हाल ही में वैशाली में एक वायरल वीडियो से जुड़े पुलिस दुर्व्यवहार के मामले में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। अब चांदपुरा मामले में भी जांच की मांग की जा रही है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। क्या वीडियो की जांच होगी? क्या घायल महिला का मेडिकल रिकॉर्ड देखा जाएगा? क्या मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान लिए जाएंगे?क्या थाने की जीडी/केस डायरी और पुलिस कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी? अगर आरोप सही पाए गए तो क्या वर्दी देखकर नहीं, कानून के मुताबिक, कार्रवाई होगी?
मामले की निष्पक्ष जांच के बाद क्या कार्रवाई सामने आती है
सबसे बड़ा सवाल यही है कि कानून की रक्षा करने वाली पुलिस पर अगर कानून तोड़ने का आरोप लगे, तो जांच और कार्रवाई कौन करेगा? अब नजर वैशाली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर है कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों पर क्या संज्ञान लिया जाता है और मामले की निष्पक्ष जांच के बाद क्या कार्रवाई सामने आती है।
हाजीपुर से संतोष कुमार सिंह की रिपोर्ट