सुपौल: पत्नी और दोनों बेटियां अचानक लापता, अब बंद कमरे से नाबालिग बच्ची बरामद

सुपौल के कृष्णापुरी वार्ड-4 से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग बच्ची को कथित रूप से बंद कमरे से बरामद किया गया है। बच्ची ने अपने साथ करीब एक साल तक कमरे में बंद रखे जाने और उसकी मां को बेच दिए जाने का गंभीर आरोप लगाया।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 01, 2026, 11:13:00 AM

सुपौल के कृष्णापुरी वार्ड-4 से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग बच्ची को कथित रूप से बंद कमरे से बरामद किया गया है। बच्ची ने अपने साथ करीब एक साल तक कमरे में बंद रखे जाने और उसकी मां को बेच दिए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है और एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची के पिता मनीष कुमार यादव ने आरोप लगाया है कि जुलाई 2025 से उनकी पत्नी और दोनों बेटियां अचानक लापता हो गई थीं। उन्होंने इस संबंध में पुलिस से शिकायत भी की थी, लेकिन उनका आरोप है कि उस समय प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। काफी समय बाद बड़ी बेटी किसी तरह भागकर अपने घर पहुंची, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

पिता के अनुसार, बड़ी बेटी के घर लौटने के बाद जब उससे पूछताछ की गई तो उसने छोटी बहन के बारे में जानकारी दी। इसके बाद परिवार के लोगों ने खोजबीन शुरू की और कृष्णापुरी वार्ड-4 स्थित एक कमरे से छोटी बच्ची को बरामद किया गया। बच्ची की हालत देखकर परिजनों में चिंता और आक्रोश फैल गया।

बरामद बच्ची ने पुलिस और परिजनों के सामने आरोप लगाया कि उसे लंबे समय तक एक कमरे में बंद करके रखा गया था। उसने यह भी दावा किया कि उसकी मां को बेच दिया गया है। बच्ची के इस बयान के बाद पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने दोनों बच्चियों का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्चों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हिरासत में ली गई महिला से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि मामले की वास्तविकता सामने आ सके।

इस घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, सुपौल थाना प्रभारी रामसेवक रावत ने  लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर न पहुंचे।

पुलिस का कहना है कि मामला संवेदनशील है और हर पहलू की जांच की जा रही है। बच्चों की सुरक्षा और उनके बयान को प्राथमिकता देते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्ची के लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है। घटना ने शहर में बाल सुरक्षा और मानव तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

कुणाल कुमार, सुपौल