किसानों-मजदूरों की मांगों को लेकर होगा राज्यव्यापी जेल भरो आंदोलन

किसानों, खेतिहर मजदूरों एवं ग्रामीण मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सुपौल जिले में आंदोलन की तैयारी की जा रही है।

किसानों, खेतिहर मजदूरों एवं ग्रामीण मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सुपौल जिले में आंदोलन की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में बिहार राज्य किसान सभा, सीटू, बिहार प्रदेश खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन सहित विभिन्न संगठनों की ओर से जिलाधिकारी को आवेदन देकर किसानों-मजदूरों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। आवेदन में कहा गया है कि किसानों, मजदूरों और महिलाओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर सुपौल समाहरणालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठनों ने सरकार से किसानों की फसल की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही किसानों एवं खेतिहर मजदूरों के कर्ज को माफ करने तथा अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग भी उठाई गई है।

आवेदन में बिजली व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया है। बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने तथा स्मार्ट मीटर को वापस लेने की मांग की गई है। इसके अलावा रसोई गैस की कीमत कम करने और महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की मांग की गई है। संगठनों ने ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जा रहे विभिन्न प्रकार के करों और शुल्कों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आवेदन में ग्राम पंचायतों में होल्डिंग टैक्स की वसूली बंद करने की मांग की गई है। वहीं गरीब, भूमिहीन और पर्चाधारी परिवारों को जमीन एवं आवास सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पर्चाधारियों की जमीन से बेदखली पर रोक लगाने की मांग की गई है। आवेदन में शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को सभी लोगों के लिए सुनिश्चित करने की मांग की गई है। साथ ही बाढ़, सुखाड़ और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।

किसान एवं मजदूर संगठनों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई, कृषि लागत में वृद्धि, रोजगार की समस्या और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने से ग्रामीण आबादी परेशान है। ऐसे में सरकार को किसानों और मजदूरों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए मांगों का शीघ्र समाधान करना चाहिए। आवेदन के माध्यम से संगठनों ने प्रशासन से आंदोलन के दौरान आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संबंधित मांगों को सरकार तक पहुंचाकर समाधान की दिशा में पहल करने की मांग की है। इस कार्यक्रम में किसान, खेतिहर मजदूर और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की बात कही गई है। 

मौके पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी जिला सचिव नीतू सिंह यादव, बिहार राज्य किसान सभा जिला सचिव मुखिया राजेश कुमार, मोहम्मद निजामुद्दीन जिला सचिव सीटू, सदानंद राम जिला सचिव एमडीएम रसोइया, अखिल भारतीय जनवादी नौजवान सभा जिला संयोजक रोशन कुमार प्रेषक, किसान नेता सुरेश चौपाल, जगदेव यादव, विनोद यादव, अरुण यादव, मुन्ना कुमार, अशोक कुमार, श्रवण यादव, रमेश पोद्दार सहित बड़ी संख्या में महिलाएं भी सम्मिलित हुए।

सुपौल से कुणाल की रिपोर्ट