सीतामढ़ी जिले के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में जिले में संचालित सिंगल यूज़ प्लास्टिक रीसाइक्लिंग अभियान का उल्लेख करते हुए इसकी खुले मंच से सराहना की। प्रधानमंत्री ने इस पहल को "वेस्ट टू वेल्थ" यानी कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
सीतामढ़ी में लंबे समय से जिला प्रशासन और ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से सिंगल यूज़ प्लास्टिक के संग्रहण और रीसाइक्लिंग का अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से एकत्रित प्लास्टिक कचरे को वैज्ञानिक प्रक्रिया से रीसाइक्लिंग कर आकर्षक और मजबूत बेंच सहित अन्य उपयोगी फर्नीचर तैयार किए जा रहे हैं।
इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक बेंच तैयार करने में लगभग 40 किलोग्राम सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग होता है। जिस प्लास्टिक को आमतौर पर पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा माना जाता है, वही अब लोगों के बैठने के लिए टिकाऊ और उपयोगी बेंच के रूप में नई पहचान पा रहा है। इससे प्लास्टिक कचरे का सुरक्षित निपटारा होने के साथ-साथ उसका दोबारा उपयोग भी सुनिश्चित हो रहा है।
प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय मंच से इस पहल का उल्लेख किए जाने के बाद जिले में खुशी और उत्साह का माहौल है। जिला प्रशासन ने इसे पूरे सीतामढ़ी के लिए सम्मान की बात बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास विभाग, सभी प्रखंडों, स्वच्छता कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, जीविका दीदियों और जागरूक नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए स्वच्छ, हरित और प्लास्टिक-मुक्त सीतामढ़ी के निर्माण के लिए जनभागीदारी को और मजबूत करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि यदि हर नागरिक प्लास्टिक कचरे के पृथक्करण और रीसाइक्लिंग में सहयोग करे, तो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता अभियान को भी नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री के 'मन की बात' में सीतामढ़ी का उल्लेख होना जिले के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल जिले की पहचान मजबूत हुई है, बल्कि देशभर में चल रहे स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण अभियानों को भी नई प्रेरणा मिली है।
सीतामढ़ी से सरोज कुमार गुप्ता की रिपोर्ट