बारुण के धनौती गांव के समीप शनिवार की रात्रि डिहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्याकांड का खुलासा हो गया है। कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार हत्याकांड में दो अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार ड्यूटी और विवाद के चलते ड्राइवर ने रॉड से वार किया। हत्या में इस्तेमाल रॉड नहर में फेंकने की बात भी कबूल की। पुलिस अब हत्या में प्रयुक्त रॉड की तलाश में जुटी है। मगध आईजी विकास वैभव कहा-मामले के हर पहलू की गहन जांच जारी है।
दरअसल डिहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के बाद मगध आईजी विकास वैभव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी कार्यपालक पदाधिकारी के चालक के द्वारा पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने जब चालक से पूछताछ की तो उसके बयान बराबर बदलते रहे। अंत में चालक ने स्वीकार किया कि अत्यधिक ड्यूटी में रहने के कारण व तनावग्रस्त हो गया था। जिसके चलते उसने उनकी हत्या की है।
दूसरी ओर पत्नी ने एक पॉलिटीशियन पर हत्या करवाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पॉलिटीशियन 50 लाख रुपये की मांग करते थे और अक्सर फोन करते थे। हालांकि विधायक पर लगाए गए आरोपों की पुलिस ने अभी पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है, पुलिस सभी आरोपों और साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।