राज्य के रोहतास जिले के दिनारा प्रखंड अंतर्गत जोगीया गांव में बीते दिनों एक मजदूर की हुई हत्या मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। दरअसल बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शनिवार को मृतक के परिजनों से मिलने जोगिया गांव पहुंचे, जहां उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटना की जानकारी ली। बता दें कि दिनारा प्रखंड के जोगिया गांव में बीते बुधवार को दिनदहाड़े 60 वर्षीय चनेश्वर चौधरी को कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप उसी गांव के रहने वाले अजीत तिवारी के ऊपर लगा था, जो घटना के बाद शव को लेकर फरार हो गया।
इसी घटना को लेकर वहीं पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे तेजस्वी यादव ने कहा कि अभी भी सामंती सोच के लोग समाज में जिंदा हैं। जिस तरह अपना हक मांगने गये एक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई, यह बहुत हीं दुखद है। उन्होंने मांग किया कि दोषी को सख्त से सख्त सजा दी जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा मिले, क्योंकि हत्यारे अभी भी पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। घटना से नाराज तेजस्वी यादव ने सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा की सरकार आते हीं सामंती शक्तियों जागृत हो गई हैं। पूरे बिहार में अराजकता फैली है और सरकार का खजाना खाली हो चुका है। इतना हीं नहीं बिहार में अपराधियों का बोलबाला है और पुलिस छात्रों पर हीं लाठी व गोली चला रही है। उन्होंने कहा कि जनता इस निकम्मी सरकार को देख रही है और वक्त आने पर अपना फैसला जरूर सुनाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक चंदेश्वर चौधरी आरोपी अजीत तिवारी के घर मजदूरी का काम करता था। बीते बुधवार को भी वह किसी काम को लेकर आरोपी के घर गया था, तभी अजीत तिवारी ने गोली मार कर उसकी हत्या कर दी। हैरानी की बात है कि चंदेश्वर चौधरी की हत्या के बाद आरोपी उसके शव को लेकर फरार हो गया। हालांकि रोहतास पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया, जिसकी निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के सूरतपुरा गांव स्थित एक नहर से अगले दिन शव को भी बरामद किया गया। वहीं घटना से नाराज ग्रामीणों ने आरोपी के घर को आग के हवाले कर जमकर उत्पाद मचाया। उग्र भीड़ ने आरोपी के घर में रखे अनाज, हार्वेस्टर, एक ट्रैक्टर, एक कार समेत घर में भी आग लगा दी, जिससे सब कुछ जलकर नष्ट हो गया। इस दौरान उग्र भीड़ ने आरोपी के घर पर लगभग पांच घंटे तक उत्पात मचाया।
बता दें कि तब इस घटना की सूचना सूचना मिलते हीं बिक्रमगंज डीएसपी कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्हें ग्रामीणों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। आक्रोशित ग्रामीण पुलिस पर भी पत्थर बाजी कर रहे थे और स्थिति को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। चूंकि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया।
सासाराम से दिवाकर तिवारी की रिपोर्ट