राज्य के सहरसा जिले के डरहार थाना क्षेत्र में डॉल्फिन से जुड़े वायरल वीडियो मामले में वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से अहम कार्रवाई की है। टीम ने इस मामले के आरोपी कुंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। यह जानकारी प्रभारी एसडीपीओ ने दी। ज्ञात हो कि डॉल्फिन को मारने के संबंध में एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसके बाद सनसनी फैल गयी थी।
मिली खबर के अनुसार डॉल्फिन को मारने वाले मछुआरे की पहचान सहरसा के डरहार गांव के निवासी विजेन्द्र के रूप में की गयी। डॉल्फिन को पकडने का वीडियो जारी होने के बाद हडकंप मच गया। वायरल वीडियो में यह सुना जा सकता है कि डॉल्फिन से तेल निकालेगा। इधर घटना सामने आने के बाद न विभाग, सहरसा द्वारा आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत परिवाद दर्ज किया गया था। इसके बाद डरहार थाना पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय में पेशी के लिए भेजा जा रहा है।
ज्ञात हो कि डॉल्फिन मुख्य रूप से समुद्रों और महासागरों में पाई जाती हैं। डॉल्फिन समुद्री स्तनधारी जीव है। ये अपनी बुद्धिमत्ता, सामाजिक व्यवहार और खेल-कूद की प्रवृत्ति के लिए प्रसिद्ध हैं। इसका शरीर चिकना और धारीदार होता है। ये पानी में तेज तैरने में माहिर होती है। इसके मुंह में तेज दांत होते हैं। डॉल्फिन 9 मीटर या उससे अधिक लंबी हो सकती हैं। ये समूह में रहना पसंद करती हैं और एक-दूसरे की मदद करती हैं और खेलती हैं। डॉल्फिन संरक्षण के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन इनकी कई प्रजातियां खतरे में है। जिसके मुख्य कारण जाल में फंसना, प्रदूषण (प्लास्टिक, रसायन), जहाजों से टक्कर, जलवायु परिवर्तन है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कई प्रजातियां संरक्षित हैं। गंगा डॉल्फिन जैसी प्रजातियां भारत में विशेष रूप से संरक्षित हैं।
भारत में डॉल्फिन (खासकर गंगा डॉल्फिन) को मारना पूरी तरह गैर-कानूनी और गंभीर अपराध है। डॉल्फिन वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित हैं। गंगा डॉल्फिन को भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया था। डॉल्फिन संबंधी अपराध करने पर जेल और जुर्माना दोनों की सजा का प्रावधान है। डॉल्फिन से तेल निकालना, मांस खाना, या उसके शरीर के किसी हिस्से का उपयोग भी गैर-कानूनी है।
सहरसा से विकास कुमार की रिपोर्ट