सहरसा के सुरक्षित स्थान परिसर स्थित संरक्षण गृह में गुरुवार को कोशी नशा मुक्ति एवं किशोर न्याय परिषद के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डीआईजी डॉ कुमार आशीष एवं किशोर न्याय परिषद के न्यायाधीश पीयूष पायल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
सहरसा। सहरसा के सुरक्षित स्थान परिसर स्थित संरक्षण गृह में गुरुवार को कोशी नशा मुक्ति एवं किशोर न्याय परिषद के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डीआईजी डॉ कुमार आशीष एवं किशोर न्याय परिषद के न्यायाधीश पीयूष पायल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में संरक्षण गृह में रह रहे बड़ी संख्या में विधि-विरुद्ध बालक शामिल हुए। उद्घाटन के बाद स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया गया। इस दौरान बच्चों को नशे के दुष्परिणामों, अपराध से दूर रहने और बेहतर भविष्य के निर्माण को लेकर जागरूक किया गया।
डीआईजी डॉ कुमार आशीष ने कहा कि बिहार पुलिस मुख्यालय एवं डीजीपी के निर्देश पर बाल संरक्षण इकाई के तत्वावधान में नशा मुक्ति अभियान के तहत यह कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि संरक्षण गृह में रह रहे बच्चों से संवाद कर उन्हें नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में अपराध की दुनिया से दूर रहकर समाज के जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
उन्होंने कहा कि बच्चों को तथ्यपरक जानकारी और सही मार्गदर्शन देकर उनके भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों को नशे एवं अपराध से बचाकर उन्हें समाज और देश के विकास में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।
सहरसा से विकास कुमार की रिपोर्ट