सहरसा। जरूरत के वक्त किसी अनजान की मदद के लिए आगे आना ही सच्ची मानवता है। ऐसा ही उदाहरण श्री शंकर बाबू स्मृति सेवा फाउंडेशन के चेयरमैन गणेश कुमार भगत ने पेश किया। पटना के एक निजी अस्पताल में गंभीर रूप से बीमार सोनवर्षा राज की महिला मरीज के लिए आधी रात को एसडीपी डोनर की जरूरत पड़ने पर गणेश भगत ने तत्काल पहल की और अस्पताल पहुंचकर सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) दान किया। समय पर प्लेटलेट्स मिलने से महिला के उपचार में मदद मिली और परिजनों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार सोनवर्षा राज निवासी प्रीतम चौधरी की पत्नी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। गंभीर हालत में उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय जांच में उनका प्लेटलेट्स काउंट घटकर करीब 30 हजार रह गया था। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल एसडीपी की व्यवस्था करने की सलाह दी।
रात का समय होने के कारण परिजनों को डोनर उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही थी। वे लगातार मदद की तलाश में जुटे थे। इसी दौरान मामले की जानकारी सहरसा में सामाजिक कार्यों से जुड़े गणेश कुमार भगत को मिली। उन्होंने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए बिना देर किए अस्पताल और ब्लड बैंक से संपर्क किया तथा एसडीपी दान करने की सहमति दी।
इसके बाद गणेश भगत देर रात अस्पताल पहुंचे। आवश्यक चिकित्सीय जांच और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्होंने एसडीपी मशीन के माध्यम से प्लेटलेट्स दान किया। प्लेटलेट्स उपलब्ध होने के बाद चिकित्सकों ने मरीज को तत्काल ट्रांसफ्यूजन दिया। समय पर एसडीपी उपलब्ध होने से मरीज के उपचार में महत्वपूर्ण मदद मिली। इस पहल के बाद मरीज के परिजनों ने गणेश भगत के प्रति आभार जताया।
गणेश कुमार भगत ने कहा कि मुश्किल समय में किसी जरूरतमंद के काम आना ही इंसानियत है। रक्त और प्लेटलेट्स दान करने से किसी की जिंदगी बचाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने युवाओं से रक्तदान एवं प्लेटलेट्स दान के प्रति जागरूक होने और जरूरत के समय आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का छोटा-सा प्रयास किसी परिवार के लिए बड़ी उम्मीद बन सकता है।
सहरसा से विकास कुमार की रिपोर्ट