सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप, आरटीआई एक्टिविस्ट ने की जांच की मांग

सहरसा जिले नगर निगम के वार्ड संख्या 03/11 स्थित विवेकानंद पथ के सड़क निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट प्रणव कुमार नेआवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सहरसा जिले नगर निगम के वार्ड संख्या 03/11 स्थित विवेकानंद पथ के सड़क निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट प्रणव कुमार ने कोसी प्रमंडल के आयुक्त को आवेदन देकर मामले की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आयुक्त को दिए आवेदन में प्रणव कुमार ने आरोप लगाया है कि वार्ड पार्षद प्रतिनिधि कैलाश साह द्वारा सड़क निर्माण के दौरान घटिया ईंट एवं सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। आवेदन के अनुसार, सड़क की ढलाई निर्धारित 2 से 2½ इंच मानक से भी कम की जा रही है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निर्माण कार्य में सरकारी राशि के दुरुपयोग और विभागीय अनियमितता की आशंका है।

आवेदन में बताया गया है कि उक्त सड़क में पहले भी घटिया ईंट गिराकर सोलिंग किए जाने की शिकायत नगर आयुक्त एवं नगर निगम के जेईओ दीपक से की गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 12 जून 2026 को फोटो और वीडियो के माध्यम से अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई थी, जिसके बाद काम तत्काल रोक दिया गया था। इसके बावजूद 8 अगस्त 2026 को वार्ड पार्षद प्रतिनिधि कैलाश साह द्वारा दोबारा सड़क की ढलाई शुरू करा दी गई। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के दौरान मौके पर न तो संबंधित अधिकारी मौजूद थे और न ही जेई। सड़क की ढलाई मात्र 2 से 2½ इंच की जा रही थी। साथ ही, निर्माण स्थल पर किसी योजना का शिलापट्ट भी नहीं लगाया गया है और यह जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की गई है कि सड़क किस योजना एवं किस वित्तीय वर्ष में स्वीकृत हुई है।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि पीडब्ल्यूडी के कंडक्ट के अनुसार बरसात के मौसम में 15 जून से 15 अक्टूबर तक व्यावहारिक रूप से मिट्टी वर्क पर रोक रहती है, बावजूद इसके विभागीय स्तर पर कार्य कराया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने निर्माण में घटिया सीमेंट के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए फोटो एवं वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने की बात कही है। प्रणव कुमार ने आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लेने तथा अनियमितता को दबाने के लिए वार्ड पार्षद प्रतिनिधि कैलाश साह ने उनके खिलाफ सदर थाना में एक झूठा आवेदन दिया है। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें मानसिक और सामाजिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने आयुक्त से पूरे मामले की जांच कर सड़क निर्माण कार्य को जांच पूरी होने तक रोकने, सरकारी राशि की निकासी पर रोक लगाने तथा दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव तथा आर्थिक अपराध इकाई को भी भेजी गई है।

सहरसा से विकास कुमार की रिपोर्ट