देश के साथ राज्य में पेपरलीक के विरुद्ध छात्रों के लोकतांत्रिक प्रदर्शन पर बिहार पुलिस द्वारा AK-47 जैसे घातक हथियारों से की गयी गोलीबारी एवं बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के विरुद्ध शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने राज्य के पुलिस महानिदेशक से मिलकर संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक सहित अन्य उच्च पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करते हुए अविलम्ब कार्रवाई की मांग की।
राजद ने डीजीपी को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में बिहार पुलिस ने छात्रों पर AK-47 से गोलियाँ क्यों चलाई?, Trigger Happy बिहार पुलिस के द्वारा निशाना लेकर बच्चों पर Shoot to Kill की सोच के साथ गोलियां बरसाई जो अत्यंत दुखद और अलोकतांत्रिक, बिहार पुलिस ने भीड़ नियंत्रण के ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ प्रोटोकॉल के SPO का पालन क्यों नहीं किया? फायरिंग का आदेश देने वाले वरीय पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा की गई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की न्यायिक जाँच करायी जाए। जैसी मांग शामिल है।
यह भी मांग की गयी कि बिहार की बदहाल विधि व्यवस्था को दुरुस्त कर, पुलिस प्रशासन की मनमानी पर अंकुश लगाया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाए। पार्टी का कहना है कि अगर बिहार सरकार छात्रों पर गोलियां बरसाने वाले मनबढ़ पुलिस अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं करती है तो विपक्ष का विरोध प्रर्दशन होगा। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी, राज्य प्रधान महासचिव रणविजय साहू, महासचिव भोला यादव, एमएलसी सुनील कुमार सिंह के अलावा कई और नेता उपस्थित थे।