रील बनाओ, 3 लाख पाओ...CM सम्राट का बड़ा ऐलान

रील बनाने पर बिहार सरकार 3 लाख रुपये तक का इनाम दे रही है। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार सरकार ने एक विशेष डिजिटल अभियान की शुरुआत की है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 15, 2026, 5:21:00 PM

रील बनाने पर बिहार सरकार  3 लाख रुपये तक का इनाम दे रही है। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार सरकार ने एक विशेष डिजिटल अभियान की शुरुआत की है। श्रावणी मेला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से इस अभियान की शुरुआत की गई है। पर्यटन विभाग ने 'एक इंफ्लुएंसर की नजर से' अभियान लॉन्च किया है, जिसके तहत देशभर के कंटेंट क्रिएटर, ट्रैवल ब्लॉगर, फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर और रील मेकर को आमंत्रित किया गया है। ये कंटेंट क्रिएटर्स श्रावणी मेले की आस्था, संस्कृति और पर्यटन की झलक दुनिया तक पहुंचाएंगे। इस पहल के तहत कंटेंट क्रिएटर्स, ट्रैवल ब्लॉगर और रील मेकर्स को उत्कृष्ट वीडियो और रील्स बनाने पर 3 लाख रुपये तक का पुरस्कार दिया जाएगा।

पर्यटन विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार प्रतिभागियों को कांवड़ यात्रा, बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ते श्रद्धालु, मंदिरों की भव्यता, सेवा शिविर, धार्मिक अनुष्ठान, लोक संस्कृति, प्राकृतिक दृश्य और मेले से जुड़े अन्य आकर्षक पहलुओं को रचनात्मक तरीके से वीडियो, रील्स और अन्य डिजिटल कंटेंट के माध्यम से प्रस्तुत करना होगा। 

पर्यटन विभाग का मानना है कि आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया किसी भी पर्यटन स्थल या सांस्कृतिक आयोजन को वैश्विक पहचान दिलाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। इसलिए विभाग की कोशिश है कि सोशल मीडिया के जरिए श्रावणी मेले की भव्यता, कांवड़ यात्रा, धार्मिक परंपराएं, लोक संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को देश-दुनिया तक पहुंचाया जा सके। इसमें कंटेंट क्रिएटर्स, ट्रैवल ब्लॉगर और रील मेकर्स बड़ी भूमिका निभाएंगे।  

'एक इंफ्लुएंसर की नजर से' प्रतियोगिता में चयनित प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।  प्रथम पुरस्कार 3 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 2 लाख रुपये और तृतीय पुरस्कार में  1 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा दो प्रतिभागियों को 50-50 हजार रुपये का चतुर्थ पुरस्कार तथा पांच प्रतिभागियों को 25-25 हजार रुपये का प्रशंसा पुरस्कार भी दिया जाएगा।

इस अभियान का सबसे अधिक लाभ बांका जिले के कंटेंट क्रिएटर्स और स्थानीय युवाओं को मिलने की उम्मीद है। दरअसल, सुल्तानगंज से देवघर तक लगभग 105 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा में से करीब 55 किलोमीटर का मार्ग बांका जिले से होकर गुजरता है। हालांकि बाकी कंटेंट क्रिएटर्स, ट्रैवल ब्लॉगर और रील मेकर्स के लिए इनाम जीतने का बढ़िया मौका है।