पटना में फिर भारी बवाल, छात्रों को पुलिस ने घसीटा, बैरिकेडिंग तोड़ी, वाटर कैनन...कांग्रेस-पप्पू यादव भी...

राजधानी पटना में एक बार फिर छात्र सड़क पर उतरे। पांच सूत्री मांगों को लेकर छात्र संगठनों और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पटना में प्रदर्शन किया।

राजधानी पटना में एक बार फिर छात्र सड़क पर उतरे। पांच सूत्री मांगों को लेकर छात्र संगठनों और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पटना में प्रदर्शन किया। पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था में सुधार समेत विभिन्न मांगों को लेकर उतरे छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। पटना विश्वविद्यालय के करीब 15 छात्र संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र जेपी गोलंबर से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च के लिए निकले। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ने लगे। छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारी छात्रों को घसीटकर वहां से हटाया। 

छात्र युवा संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास घेराव मार्च निकाला गया, जबकि एनएसयूआई ने इनकम टैक्स गोलंबर पर प्रदर्शन किया। छात्रों को आगे बढने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारी छात्रों को घसीटकर वहां से हटाया। मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने डाकबंगला चौराहे के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई छात्रों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाना चाहती है। उनका कहना था कि वे शांतिपूर्ण ढंग से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन रोका। कुछ छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें हाथ-पैर पकड़कर घसीटते हुए हटाया।  इस दौरान छात्रों ने कहा कि हम आपको आतंकवादी नजर आ रहे हैं, कि इस तरह बीच सड़क पर हमें घसीटा जा रहा है। 

हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछार के बाद कई छात्र सड़क पर बैठकर विरोध जताने लगे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाकर सड़क किनारे किया और आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन को देखते हुए गांधी मैदान थाना क्षेत्र समेत पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। जेपी गोलंबर, इनकम टैक्स चौराहा, डाकबंगला और मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और दंगा नियंत्रण बल तैनात किए गए थे।

इस दौरान कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने छात्रों के साथ बैरिकेडिंग पर चढ़कर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उनकी मांगों का समर्थन किया। वहीं सांसद पप्पू यादव ने भी छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पुलिस ने राजेश राम और एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। राजेश राम ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की।