राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 राजस्व अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की है। विभिन्न मामलों की समीक्षा और जांच के बाद कई अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र गठित किए गए हैं, जबकि अन्य पर वेतन वृद्धि रोकने सहित विभिन्न दंड लगाए गए हैं। कुछ अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी है।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार, लापरवाही और विभागीय निर्देशों की अवहेलना के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवा हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी तथा दोषी अधिकारियों और कर्मियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि भू अर्जन कार्यालय, मुंगेर के राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो अरविंद कुमार, राघोपुर (वैशाली) के अंचल अधिकारी दीपक कुमार तथा बिस्फी (मधुबनी) की तत्कालीन अंचल अधिकारी वंदना कुमारी के विरुद्ध विभागीय आरोप पत्र गठित किए गए हैं। इसके अलावा गोपालगंज सदर के अंचल अधिकारी रजत कुमार वर्णवाल, एकमा (सारण) के अंचल अधिकारी अमलेश कुमार, गोह (औरंगाबाद) के तत्कालीन अंचल अधिकारी विश्वजीत नीलांकर, औरंगाबाद के तत्कालीन अंचल अधिकारी अंशु कुमार सिंह तथा कल्याणपुर (समस्तीपुर) के तत्कालीन अंचल अधिकारी राजन कुमार पर वेतन वृद्धि रोकने सहित विभिन्न दंड अधिरोपित किए गए हैं।
वहीं रामनगर (पश्चिम चंपारण) के तत्कालीन अंचल अधिकारी उदय शंकर मिश्रा, कुढ़नी (मुजफ्फरपुर) के तत्कालीन अंचल अधिकारी रणभू ठाकुर, हाजीपुर (वैशाली) की तत्कालीन अंचल अधिकारी अंजली कुमारी तथा सासाराम के तत्कालीन अंचल अधिकारी सुधीर कुमार ओंकारा के विरुद्ध विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई संचालित की जा रही है। डॉ. जायसवाल ने कहा कि पिछले दो माह के कार्यकाल में अब तक 82 अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध विभिन्न मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें भ्रष्टाचार, दाखिल-खारिज में अनियमितता, सरकारी कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता तथा विभागीय निर्देशों की अवहेलना जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
उन्होंने दो टूक कहा कि राजस्व विभाग में ईमानदारी से काम करने वालों को पूरा संरक्षण मिलेगा, लेकिन भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितता करने वालों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है। जनता के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।