पहले मंत्री अब NHRC को लिखा पत्र, जेल में 19 साल के रोशन यादव की मौत पर तेजस्वी आग-बबूला

मधुबनी के रामपट्टी स्थित मंडल कारागार में न्यायिक हिरासत के दौरान 19 वर्षीय रोशन यादव की मौत पर तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को पत्र लिखा है और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र निगरानी और जांच कराने का आग्रह किया है।

मधुबनी के रामपट्टी स्थित मंडल कारागार में न्यायिक हिरासत के दौरान 19 वर्षीय रोशन यादव की मौत पर बिहार पुलिस बुरी तरह से घिरती नजर आ रही है। विपक्ष के नेता रोशन के परिजनों से मिलकर पुलिस पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। वहीं अब यह मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है। तेजस्वी यादव ने आयोग को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र निगरानी और जांच कराने का आग्रह किया है। उन्होंने आयोग से बिहार के पुलिस महानिदेशक और कारा महानिदेशक से इस मामले में रिपोर्ट तलब करने की मांग की है।

तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को लिखे पत्र में कहा है कि मामले की परिस्थितियां गंभीर हैं और मानवाधिकार आयोग की स्वतंत्र निगरानी जरूरी है। उन्होंने आयोग से बिहार के पुलिस महानिदेशक और कारा महानिदेशक से इस मामले में रिपोर्ट तलब करने की मांग की है। तेजस्वी यादव ने NHRC से आग्रह किया है कि हिरासत में मौत से जुड़े आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की जांच की जाए। उन्होंने विशेष रूप से गिरफ्तारी के समय से लेकर मौत तक की CCTV फुटेज की जांच कराने की मांग की है। 

तेजस्वी यादव ने आयोग से यह भी आग्रह किया है कि मामले से संबंधित पोस्टमार्टम रिपोर्ट, इनक्वेस्ट रिपोर्ट और मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट एक निर्धारित समयसीमा के भीतर आयोग के समक्ष प्रस्तुत कराने का निर्देश दिया जाए।  पत्र के अनुसार, मृतक रोशन यादव आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से ताल्लुक रखता था। उसका परिवार उसकी विधवा मां और दो बहनों पर निर्भर बताया गया है। ऐसे में परिवार की स्थिति को देखते हुए तेजस्वी यादव ने आयोग से पीड़ित परिवार को उचित राहत उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है। 

दरअसल रोशन यादव की मौत 10 अगस्त 2026 को मंडल कारागार, रामपट्टी, मधुबनी में हुई थी। वह 27 मई 2026 से न्यायिक हिरासत में था। जेल प्रशासन की ओर से उसकी मौत का कारण फांसी बताया गया है। हालांकि, मृतक के परिजनों ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए शरीर पर कई चोट के निशान होने का आरोप लगाया है। इस घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।   

वहीं गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर, तेज बहाव और लगातार हो रहे कटाव को लेकर राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। संभावित बाढ़ और कटाव से गांवों, घरों और खेती योग्य जमीन को होने वाले नुकसान के खतरे को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

पत्र में तेजस्वी यादव ने विशेष रूप से राघोपुर प्रखंड के दो पंचायत क्षेत्रों में हो रहे कटाव की स्थिति का जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में बहरामपुर पंचायत और चकसिंगार पंचायत के कुछ गांवों में कटाव निरोधक कार्य कराना अत्यंत आवश्यक है। चकसिंगार पंचायत के शिव नगर लंका टोला में भी गंगा नदी के कटाव का खतरा बताया गया है।नेता प्रतिपक्ष ने जल संसाधन मंत्री से आग्रह किया है कि इन स्थानों पर कटाव की स्थिति का तत्काल आकलन कराया जाए और आवश्यकता के अनुसार बोल्डर पिचिंग, जियो बैग सहित अन्य आवश्यक कटाव निरोधक कार्य शुरू किए जाएं।