किसानों और सरकार की कदमताल लाई रंग, बिहार में गन्ना क्षेत्र विस्तार ने पकड़ा जोर

राज्य के किसानों और सरकार के बीच बेहतर तालमेल एवं संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में गन्ना उत्पादन क्षेत्र में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है।

राज्य के किसानों और सरकार के बीच बेहतर तालमेल एवं संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में गन्ना उत्पादन क्षेत्र में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार द्वारा गन्ना क्षेत्र विस्तार और प्रोत्साहन के लिए उठाए गए कदमों के कारण राज्य भर के किसानों ने उत्साहपूर्वक गन्ना खेती का दायरा बढ़ाया है, जिससे राज्य में चीनी उद्योग के एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में राज्य में कुल गन्ना आच्छादन क्षेत्र 4,80,000 एकड़ था, जो अब 10,000 एकड़ बढ़कर 4,90,000 एकड़ पहुंच गया है। गन्ना आच्छादन क्षेत्र में यह बढ़ोतरी राज्य में स्थापित की जाने वाली नई चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में कच्चे माल (गन्ने) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में उत्साहजनक परिणाम है ।

इस बड़ी उपलब्धि के पीछे सरकार द्वारा संचालित कई महत्वपूर्ण योजनाओं का एकीकृत  क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर गन्ना उद्योग विभाग का प्रयास है। मुख्य रूप से 'गन्ना विकास योजना', 'गन्ना यांत्रिकीकरण योजना', 'बीज विकास योजना' और 'गन्ना नर्सरी योजना' जैसी पहलों ने किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और बेहतर कृषि उपकरण अपनाने में मदद कर रही हैं । सरकार  और किसानों के इस संयुक्त कदमताल से खेती की लागत कम हो रही है और उत्पादकता में वृद्धि हो रही है।

गन्ना उत्पादन क्षेत्र में हुआ यह विस्तार चीनी मिलों की व्यावसायिक व्यवहार्यता को मजबूती प्रदान करेगा साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा। इस प्रयास से राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि होगी, जिससे बिहार चीनी उत्पादन के क्षेत्र में पुनः एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।