नारियल पौधा वितरण योजना से हो आर्थिक रूप से मजबूत, सरकार दे रही 75 फीसदी अनुदान

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jul 17, 2026, 6:07:00 PM

बिहार सरकार राज्य में बड़े पैमाने पर नारियल की खेती को बढ़ावा दे रही है। कृषि विभाग की ओर से किसानों को नारियल पौधा वितरण योजना के तहत 75 फीसदी का भारी अनुदान दिया जा रहा है। नारियल की खेती के लिए किसानों को मात्र 25 फीसदी राशि ही वहन करनी है। माना जा रहा है कि इससे न सिर्फ नारियल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

इस योजना के तहत किसानों को अनुदानित दर पर नारियल के पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रति नारियल पौधे की लागत 115 रुपये निर्धारित है, जिसमें 75 फीसदी यानी 86.25 रुपये प्रति पौधा अनुदान दिया जा रहा है। मात्र 25 फीसदी यानी 28.75 रुपये प्रति पौधा अंशदान किसानों को वहन करना है। विभाग का कहना है कि इस पहल से किसानों की आय में वृद्धि, रोजगार के अवसर के साथ-साथ दीर्धकालीन सुरक्षित आय और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। योजना का लाभ पाने के लिए डीबीटी में पंजीकृत किसान बिहार कृषि ऐप के जरिए 31 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क कर सकते हैं।

बिहार कृषि ऐप राज्य के किसानों का सच्चा साथी बनकर उभरा है। यह ऐप न सिर्फ योजनाओं के आवेदन, बल्कि किसानों की विभिन्न समस्याओं का समाधान कर कृषि को आसान बना रहा है। इस ऐप पर किसान बिहार कृषि रेडियो का लाभ उठा सकते हैं। यहां अपनी शिकायतें भी दर्ज करा सकते हैं। इतना ही नहीं, किसान इस ऐप के माध्यम से विभिन्न कृषि योजनाओं में आवेदन की स्थिति, अनुदान विवरण तथा स्वीकृति की वास्तविक समय पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

किसान इस ऐप पर मौजूद एआई चैटबॉट (बिहार कृषि एआई) के माध्यम से खेती से जुड़ी अपनी विभिन्न समस्याओं का त्वरित समाधान भी प्राप्त कर सकते हैं। यह चैटबॉट किसानों के विभिन्न सवालों के जवाब देता है। इस ऐप के माध्यम से घर बैठे ही वे मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी ले सकते हैं। कृषि संबंधी सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों को अब एक ही मोबाइल ऐप पर मिल रही है। यहां उन्हें किसान पासबुक, फसलों के बाजार मूल्य, नवीनतम घोषणाएं, कृषि से जुड़ी सरकारी निर्देशिका, पौध संरक्षण सलाह, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सुविधा भी मिल रही है।