सीएम सम्राट कैबिनेट मीटिंग: राज्य में पांच नये सेंट्रल स्कूल के लिए सरकार देगी सरकारी भूमि

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jul 01, 2026, 5:46:00 PM

सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में कई अहम मसलों पर मुहर लगी। सीएम सम्राट चौधरी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से कई मुद्दों के बारे में बताया। सीएम ने जानकारी दी कि बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में पाँच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना हेतु 5-5 एकड़ आवश्यक सरकारी भूमि को उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत प्रस्तावों के अंतर्गत पूर्णिया पूर्व (मौजा–मधुबनी, जिला पूर्णिया),  राजगीर (मौजा–पिलखी, जिला नालंदा), शेखपुरा (मौजा–नीमी, जिला शेखपुरा), मधेपुरा (मौजा–साहुगढ़, जिला मधेपुरा), मधुबनी (अंचल–राजनगर, मौजा–सतिहारपुर, जिला मधुबनी) सेंट्रल स्कूल के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध कराने को लेकर मुहर लगी। इन पाँच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना से बिहार के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शैक्षणिक संसाधन एवं बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध होगा।

सीएम ने यह भी जानकारी दी कि "सोमनाथ स्वाभिमान पर्व- 1000 वर्ष की अटूट आस्था" के पावन अवसर पर बिहार के लगभग 1100 श्रद्धालुओं के लिए 20 जुलाई 2026 से दो दिवसीय 'सोमनाथ यात्रा' का आयोजन किया जाएगा। इस यात्रा के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई है। कैबिनेट में आधुनिक, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के 31 बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण एवं समग्र विकास के लिए पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया, मुंगेर, कटिहार, सहरसा, नवादा, मधुबनी, किशनगंज सहित राज्य के विभिन्न जिलों के बस स्टैंड शामिल हैं। इनका विकास आधुनिक यात्री प्रतीक्षालय, पार्किंग, व्यावसायिक सुविधाओं, डिजिटल सेवाओं, स्वच्छता एवं बेहतर यातायात प्रबंधन जैसी सुविधाओं के साथ किया जाएगा।

बिहार मंत्रीमंडल की बैठक में बक्सर स्थित केंद्रीय कारा परिसर में अवस्थित भगवान वामन मंदिर के विकास, सौंदर्यीकरण एवं श्रद्धालुओं के लिए सुगम प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मंदिर परिसर हेतु भूमि को पृथक चिन्हित कर सुरक्षित रखने के लिए चहारदीवारी के साथ सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने तथा मंदिर परिसर के समुचित विकास का मार्ग प्रशस्त करने का निर्णय लिया गया है।