बिहार में बड़े अधिकारियों के अवकाश पर जाने की वजह से बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। बिहार के DGP विनय कुमार, BPSC के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के अध्यक्ष केएस द्विवेदी छुट्टी पर चले गए हैं। तीनों अधिकारियों के अवकाश पर जाने से तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। BPSC के सामने आने वाले दिनों में TRE-4 जैसी बड़ी परीक्षा की जिम्मेदारी है। वहीं BPSSC के सामने दारोगा भर्ती परीक्षा से जुड़ा मामला भी चल रहा है। होमगार्ड की महानिदेशक प्रीता वर्मा को DGP का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। वहीं प्रशासनिक फेरबदल में जितेंद्र कुमार को दारोगा भर्ती बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि BPSC अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई की गैरमौजूदगी में राजस्व पर्षद की अध्यक्ष-सह-सदस्य हरजोत कौर बम्हरा को BPSC अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
बिहार के डीजीपी विनय कुमार मंगलवार से 21 दिनों के अवकाश पर चले गए हैं। गृह विभाग ने उनके अवकाश के दौरान होमगार्ड की महानिदेशक प्रीता वर्मा को DGP का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। विनय कुमार ने अपनी छुट्टी की वजह LTC (Leave Travel Concession) बताई है। विनय कुमार के वापस लौटने तक प्रीता वर्मा डीजीपी पद से जुड़े प्रमुख दायित्व संभालेंगी। प्रीता वर्मा पहले से ही बिहार पुलिस की वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं। जुलाई 2026 में उन्हें डीजी, होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा की जिम्मेदारी दी गई थी।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अध्यक्ष रवि परमार भी 15 सितंबर से 9 अक्टूबर तक अवकाश पर रहेंगे। उनकी अनुपस्थिति में राजस्व पर्षद की अध्यक्ष-सह-सदस्य हरजोत कौर बम्हरा को बिहार लोक सेवा आयोग अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आयोग के सामने शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 का आयोजन बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में एक बड़े भर्ती अभियान की तैयारियों के बीच आयोग के अध्यक्ष के अवकाश पर जाने की खबर ने भी प्रशासनिक हलकों का ध्यान खींचा है।
वहीं पूर्व डीजीपी व बिहार दारोगा भर्ती बोर्ड के चेयरमैन (बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग) केएस द्विवेदी करीब एक महीने के अवकाश पर गए हैं। केएस द्विवेदी पत्नी की तबीयत से जुड़े कारणों के चलते अवकाश पर गए हैं। इसी बीच प्रशासनिक फेरबदल में जितेंद्र कुमार को दारोगा भर्ती बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है।1993 बैच के बिहार कैडर के जितेंद्र कुमार कोई नए नाम नहीं हैं। सीआईडी में ADG से लेकर सिपाही भर्ती बोर्ड के चेयरमैन और फिर DG रैंक तक पहुंच चुके जितेंद्र कुमार के पास पुलिस सेवा का तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है।