बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज है। इसी कड़ी में बडा अपडेट सामने आया है। दरअसल अब तक जो जानकारी सामने आ रही थी, उसके अनुसार यह कहा जा रहा था कि थर्ड राउंड के पदवार आरक्षण की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं होने की वजह पंचायत चुनाव अपने तय समय, यानी दिसंबर 2026 शायद ही पूरा हो सके। लेकिन अब पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने पंचायत चुनाव को लेकर तस्वीर साफ कर दी है। उन्होंने कहा है कि बिहार में समय पर पंचायत चुनाव होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इसके साथ ही आरक्षण रोस्टर भी लागू रहेगा।
बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने आरक्षण रोस्टर को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आरक्षण से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं जारी हैं। सभी क्षेत्रों की जनसंख्या का प्रकाशन हो चुका है और आरक्षण का निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि आरक्षण तय करते समय संबंधित वर्ग की आबादी का कुल जनसंख्या में प्रतिशत देखा जाता है।
इसी आधार पर अतिपिछड़ा वर्ग को 20 प्रतिशत और महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है। इन श्रेणियों के बाद बची हुई सीटों को अनारक्षित रखा जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रोस्टर में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि हर पंचायत या हर सीट की मौजूदा व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी। हालांकि, नए रोस्टर के लागू होने से राज्य स्तर पर सीटों के आरक्षण का स्वरूप पहले की तुलना में व्यापक स्तर पर प्रभावित हो सकता है। बता दें कि राज्य में मुखिया के 8053, वार्ड सदस्य के 109635, सरपंच के 8053, पंच के लिए 109635, पंचायत समिति के 11,085 और जिला परिषद के लिए 1160 पदों पर चुनाव होंगे।
पटना से आभा की रिपोर्ट