बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य में मजबूत एवं सुलभ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। पीएम ई - ड्राइव योजना के तहत प्रथम चरण में राज्य के 23 जिलों में 129 लोकेशन पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इन चार्जिंग स्टेशनों के लिए चिन्हित स्थलों का साइट सर्वे का कार्य सोमवार से शुरू हो गया है। इस योजना को लेकर विश्वेशरैया भवन स्थित परिवहन सचिव कार्यालय कक्ष में सोमवार एक बैठक हुई। इस बैठक में परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार, भारी उद्योग मंत्रालय के निदेशक अमरेंद्र किशोर सिंह, BHEL के महाप्रबंधक जेके पटनायक एवं उनकी टीम थी।
बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड की टीम बिहार दौरे पर है। भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्री के समन्वय से भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) की टीम द्वारा 17 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक राज्य के विभिन्न जिलों में प्रस्तावित ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थलों का साइट सर्वे किया जा रहा है। प्रथम चरण में पटना, गया, वैशाली, पूर्णिया, नालंदा, एवं छपरा में चिन्हित 72 विभिन्न लोकेशन का साइट सर्वे किया जाएगा। साइट सर्वे के दौरान प्रस्तावित स्थलों की उपयुक्तता, विद्युत कनेक्टिविटी, स्थल की उपलब्धता, पहुंच की सुविधा तथा चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए आवश्यक अन्य तकनीकी पहलुओं का जायजा लिया जाएगा। सर्वे के आधार पर उपयुक्त स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन की स्थापना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
बिहार में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर चार्जिंग नेटवर्क विकसित करने की योजना है। यह पहल प्रधानमंत्री के 2070 तक शून्य उत्सर्जन लक्ष्य के अनुरुप है। यह परियोजना पीएम ई ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट योजना के अंतर्गत लाई है, जिसे सितंबर 2024 में 10,900 करोड़ रुपये के बजट के साथ आधिसूचित किया गया है। इसके लिये सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के विकास के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से उपयुक्त स्थलों की पहचान एवं साइट सर्वे का कार्य किया जायेगा। इन चार्जिंग स्टेशनों को विशेष रूप से प्रमुख राजमार्गों एवं शहरी क्षेत्रों में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को लंबी दूरी की यात्रा के दौरान तथा शहरी क्षेत्रों में आसानी से चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध हो सके।
परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि बिहार में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क का निर्माण हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। पीएम ई- ड्राइव योजना के तहत प्रमुख राजमार्गों और शहरी क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों का भरोसा बढ़ेगा और राज्य में ईवी अपनाने की गति तेज होगी। साइट सर्वे चार्जिंग स्टेशन स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण है। संबंधित जिलों एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि BHEL की टीम को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि सर्वे का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि बिहार को स्वच्छ एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे ले जाने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार लगातार जारी रहेगा।
भारी उद्योग मंत्रालय के निदेशक अमरेंद्र किशोर सिंह ने बताया कि यह पहल न केवल बिहार में हरित परिवहन को बढावा देगी, बल्कि देशभर में ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने में सहायक होगी। बिहार की यह सक्रिय भागीदारी आत्मनिर्भर भारत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में 23 शहरों के 129 स्थानों पर ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए परिवहन विभाग, बिहार सरकार द्वारा भारी उद्योग मंत्रालय को प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। इन सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड को परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी (पीआईए) नियुक्त किया गया है।