पटना: ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में बिहार लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जारी Water Quality Management Information System की रिपोर्ट के अनुसार बिहार ने जल स्रोतों की जांच में 95.54 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है और देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
रिपोर्ट के अनुसार बिहार में जल स्रोतों की जांच के लिए 97,451 स्रोत निर्धारित किए गए थे, जिनमें से 93,109 स्रोतों की जांच पूरी कर ली गई है। यह उपलब्धि राज्य में जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बिहार के 14 जिलों ने जल स्रोतों की जांच में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। इनमें अरवल, जमुई, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, नालंदा, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, शेखपुरा, शिवहर, सीवान, सुपौल और वैशाली शामिल हैं। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा जल स्रोतों की नियमित जांच, जल गुणवत्ता की निगरानी और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्रवाई पर लगातार जोर दिया जा रहा है। बिहार की यह उपलब्धि बताती है कि राज्य सरकार 'हर घर तक नल का जल' पहुंचाने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है।