पीएम आवास योजना के नाम पर 50 हजार की घूस, घर जाकर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप, FIR दर्ज

बिहारशरीफ में पीएम आवास योजना के नाम पर घूसखोरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पहली किस्त के एक लाख रुपये खाते में आते ही लाभुक से 50 हजार रुपये की मांग की गई। पैसे नहीं देने पर लाभुक के घर पर जाकर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप है।

बिहारशरीफ में पीएम आवास योजना के नाम पर घूसखोरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पहली किस्त के एक लाख रुपये खाते में आते ही लाभुक से 50 हजार रुपये की मांग की गई। पैसे नहीं देने पर लाभुक के घर पर जाकर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप है। जब इस बात की शिकायत डीएम उदिता सिंह तक पहुंची, जिसके बाद रहुई नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी ने मुख्य पार्षद प्रतिनिधि समेत तीन लोगों के खिलाफ रहुई थाना में एफआईआर दर्ज कराई है।

रहुई नगर पंचायत के वार्ड एक की लाभुक ममता कुमारी ने आरोप लगाया कि पहली किस्त मिलने के बाद उनसे 50 हजार रुपये मांगे गए और लगातार धमकियां दी गईं। शिकायत के साथ ऑडियो-वीडियो साक्ष्य भी पुलिस को दिए गए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 

वहीं रहुई नगर पंचायत में पीएम आवास योजना के 399 लाभुकों को पहली किस्त मिली है, जबकि अब तक सिर्फ 152 को दूसरी किस्त मिल सकी है। जहां लाभुकों से 25 फीसदी तक रकम वसूले जाने का आरोप लगाया गया था। अब सवाल है कि एफआईआर के बाद पुलिस कथित घूसखोरी के पूरे नेटवर्क तक पहुंच पाती है या नहीं। 

मामला फरवरी में विधानसभा में भी उठ चुका है, खुद बिहार शरीफ विधानसभा के बीजेपी विधायक डॉ सुनील ने इस मामले को उठाने का काम किया लेकिन बिचौलिये फिर भी नहीं डरे। वहीं रहुई नगर पंचायत की स्वच्छता पदाधिकारी अनुराधा कुमारी ने बताया कि इस मामले में मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अलबेला राय समेत तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया दिए गए ऑडियो की भी जांच चल रही है।  

उन्होंने बताया कि पीएम आवास योजना के नाम पर ही घूस मांगा जा रहा था। मुकदमे के बाद फिलहाल मामला पूरी तरह से शान्त है और लाभुक पीएम आवास योजना के तहत मिले घर में गृह प्रवेश भी कर रही है। लाभुक ने जिला अधिकारी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सब प्रशासन के सहयोग से संभव हो पाया है।

नालंदा से मिथुन कुमार की रिपोर्ट