लोजपा विधायक अमित कुमार रानू पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। यानी जमीन विवाद से शुरू हुई यह कहानी अब पुलिस की बड़ी कार्रवाई और राजनीतिक हलचल तक पहुंच चुकी है। मामला मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां-उदनडीह का है। पुलिस के मुताबिक, 20 अगस्त को स्कॉर्पियो, थार, जेसीबी और बाइक से पहुंचे 50 से ज्यादा लोगों ने इलाके में कई जमीनों पर पहले से बने निर्माण और चहारदीवारी को कथित तौर पर तोड़ दिया।
आरोप है कि विरोध करने पर लोगों के साथ मारपीट की गई, धमकी दी गई और एक व्यक्ति को जेसीबी के नीचे फेंकने तक का प्रयास किया गया। इस मामले में प्रहलाद कुमार के आवेदन पर अहियापुर थाना में कांड संख्या 1323/26 दर्ज किया गया। मामला गंभीर था, इसलिए पुलिस ने तुरंत विशेष टीम बनाई। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर नामजद आरोपी सुमित कुमार श्रीवास्तव और अप्राथमिकी अभियुक्त सन्नी सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई
घटना के बाद सामने आए पीड़ितों के आवेदन पर पुलिस ने एक के बाद एक 21 और प्राथमिकी दर्ज की। इस तरह पुलिस के मुताबिक, अब तक इस पूरे प्रकरण में कुल 25 कांड दर्ज हो चुके हैं।
और सबसे बड़ा राजनीतिक एंगल यहीं से सामने आता है।
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के मुताबिक, इन 25 मामलों में से आठ मामलों में बेलसंड से लोजपा रामविलास के विधायक अमित कुमार रानू नामजद हैं। पुलिस अब विधायक की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से वारंट लेने की प्रक्रिया में जुटी है। पुलिस का कहना है कि वारंट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इधर, जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि मामले में शामिल कुछ आरोपी बेलसंड थाना क्षेत्र के कोठी चौक स्थित विधायक अमित रानू के कार्यालय में छिपे हुए हैं। इसके बाद मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्यालय में छापेमारी की। इस कार्रवाई में पुलिस ने नन्हे सिंह और छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, दोनों के पास से एक पिस्टल, दो मैगजीन, 9 कारतूस और तीन मोबाइल फोन व सिम कार्ड बरामद किए गए। पुलिस ने यह भी बताया कि छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव के खिलाफ पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें डकैती, लूट, रंगदारी, हत्या के प्रयास, चोरी की संपत्ति रखने और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं।
यानी पुलिस की इस कार्रवाई में हथियारों की बरामदगी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई सीधे विधायक के आवास तक पहुंची। एसएसपी के अनुसार, विधायक अमित रानू और उनके भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव के खिलाफ न्यायालय से सर्च वारंट लिया गया था।
इसी वारंट के आधार पर 23 अगस्त को बैरिया स्थित विधायक के आवास पर छापेमारी की गई। पुलिस का दावा है कि तलाशी के दौरान पार्टनरशिप एग्रीमेंट के दस्तावेज, बैंक खाते से संबंधित कागजात और वर्ष 2017 का हस्ताक्षरित ब्लैंक स्टाम्प पेपर बरामद किया गया।
पुलिस ने कथित फर्जी दस्तावेज रखने और छापेमारी के दौरान पुलिस टीम के साथ बदसलूकी के आरोप में एक अलग प्राथमिकी भी दर्ज की है। अब जांच का अगला सिरा विधायक के भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव तक पहुंचा।
गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि सोनू सिंह कच्ची-पक्की ओपी क्षेत्र में विधायक के एक रिश्तेदार के घर छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने संतोष सिंह के घर पर छापेमारी की।
पुलिस के अनुसार, इस दौरान रिश्तेदार ने पुलिस टीम को धमकी दी और सरकारी काम में बाधा डाली। इस मामले में कच्ची-पक्की ओपी में अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है।
अब तक जमीन तोड़फोड़ मामले में पुलिस सुमित कुमार श्रीवास्तव, सन्नी सिंह, नन्हे सिंह और छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस का एक और दावा इस मामले को और गंभीर बनाता है
एसएसपी के मुताबिक, विधायक अमित रानू के खिलाफ सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर थाना में वर्ष 2012 में रंगदारी, जबरन वसूली, चोरी की संपत्ति रखने और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित मामला दर्ज है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि झपहां-उदनडीह जमीन विवाद में कथित भू-माफियाओं और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस साफ कह रही है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपितों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है
क्या 25 मुकदमों के इस मामले में पुलिस की कार्रवाई विधायक अमित कुमार रानू की गिरफ्तारी तक पहुंचेगी? क्या जमीन तोड़फोड़ के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था?
और सबसे अहम...
पिस्टल, दो मैगजीन और 9 कारतूस की बरामदगी के बाद इस पूरे मामले की अगली कड़ी क्या होगी? फिलहाल चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, कई ठिकानों पर छापेमारी जारी है और पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
मुजफ्फरपुर से मुकेश चौरसिया की रिपोर्ट