सरकार की कोशिश के बावजूद लगा झटका, बड़कागांव PACS के 8 सदस्यों ने एक साथ दिया इस्तीफा

पकड़ीदयाल एक तरफ बिहार सरकार पैक्स सहकारी संस्थाओं को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही है। खाद से लेकर राशन वितरण तक की जिम्मेदारी अब पैक्स को दी जा रही है।

मोतिहारी : पकड़ीदयाल एक तरफ बिहार सरकार पैक्स सहकारी संस्थाओं को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही है। खाद से लेकर राशन वितरण तक की जिम्मेदारी अब पैक्स को दी जा रही है, ताकि किसानों और आम लोगों को लाभ मिल सके। लेकिन दूसरी तरफ पूर्वी चंपारण के पकड़ीदयाल प्रखंड के बड़कागांव पैक्स में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है, जहां समिति के आठ सदस्यों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है।

इस्तीफा देने वाले सदस्यों में पूरन कुमार, अंजू कुमारी सहित अन्य शामिल हैं

आपको बता दें कि इस्तीफा देने वाले सदस्यों में पूरन कुमार, अंजू कुमारी सहित अन्य शामिल हैं। इनका आरोप है कि पैक्स अध्यक्ष लगातार गड़बड़ी और भ्रष्टाचार कर रहे हैं। वे मनमाने तरीके से खुद ही हस्ताक्षर कर लेते हैं और समिति के सदस्यों को किसी भी फैसले में शामिल नहीं करते। लगातार हो रही गड़बड़ी से परेशान होकर सभी सदस्यों ने प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। सदस्यों ने बताया कि कई बार अध्यक्ष को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वे अपनी मनमानी से बाज नहीं आए। मजबूर होकर उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

जिला सहकारिता पदाधिकारी के आदेश पर बड़कागांव पैक्स समिति की बैठक बुलाई गई थी - प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी जितेंद्र कुमार चौरसिया

वहीं इस मामले की जांच करने पहुंचे प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी जितेंद्र कुमार चौरसिया ने बताया कि जिला सहकारिता पदाधिकारी के आदेश पर बड़कागांव पैक्स समिति की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बैठक में एक भी सदस्य उपस्थित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पैक्स अध्यक्ष पर लगे आरोप गंभीर हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर वरीय अधिकारी को भेजी जाएगी और विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एक साथ 8 सदस्यों के इस्तीफे के बाद से बड़कागांव पैक्स की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं और ग्रामीणों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट