स्कूली बच्चों और आम लोगों ने थामा तिरंगा, तिरंगा यात्रा में अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

पूर्वी चंपारण के चकिया में आज पिपरा विधायक श्यामबाबू यादव के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा निकाली गई। प्रखंड कार्यालय से शुरू हुई यह यात्रा चकिया के मुख्य मार्गों से होते हुए केसरिया रोड स्थित बाजार समिति पहुंचकर समाप्त हुई।

पूर्वी चंपारण के चकिया में आज पिपरा विधायक श्यामबाबू यादव के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा निकाली गई। प्रखंड कार्यालय से शुरू हुई यह यात्रा चकिया के मुख्य मार्गों से होते हुए केसरिया रोड स्थित बाजार समिति पहुंचकर समाप्त हुई। यात्रा में स्कूली बच्चों और आम लोगों की बड़ी भागीदारी रही, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। 

बुधवार, 12 अगस्त को चकिया प्रखंड कार्यालय परिसर से तिरंगा यात्रा की शुरुआत हुई। पिपरा विधायक श्यामबाबू यादव के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में चकिया के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में आमजन शामिल हुए। हाथों में तिरंगा और देशभक्ति के नारों के साथ लोगों ने मुख्य मार्गों से होते हुए बाजार समिति तक मार्च किया। लेकिन इस तिरंगा यात्रा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई। 

स्थानीय लोगों का आरोप है कि चकिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल के राजस्व अधिकारी (आरओ) और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ही पूरे यात्रा में शामिल हुवे। इनके अलावा कुछ अन्य अधिकारी कार्यक्रम में पहुंचे, लेकिन कुछ देर रुकने और तस्वीरें खिंचवाने के बाद वहां से रफ़ूचकर हो गए।लोगों का सवाल है कि जब देशभर में तिरंगा यात्रा और स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, तो स्थानीय प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों की इसमें सक्रिय भागीदारी क्यों नहीं दिखी? क्या अधिकारियों को सरकार या वरीय अधिकारियों के निर्देश की जानकारी नहीं थी, या फिर निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया गया? पूरे मामले की जांच की मांग उठ रही है।

चकिया की इस तिरंगा यात्रा में स्कूली बच्चों की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बनाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बच्चे बड़ी संख्या में शामिल नहीं होते, तो यात्रा की तस्वीर बिल्कुल अलग होती। अब सवाल यह है कि अधिकारियों की कथित गैरमौजूदगी पर प्रशासन क्या संज्ञान लेता है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब-तलब या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, तिरंगा यात्रा संपन्न हो गई है, लेकिन अधिकारियों की कथित गैरमौजूदगी को लेकर उठे सवालों का जवाब अब प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएगा।

मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट