मिथिलांचल संघर्ष समिति क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास के खिलाफ जन-जागरण अभियान चला रही है। मिथिलांचल संघर्ष समिति मुख्य रूप से बिहार के मधुबनी जिले (विशेषकर घोघरडीहा क्षेत्र) में सक्रिय एक सामाजिक संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास के खिलाफ जन-जागरण अभियान चलाना है। मिथिलांचल संघर्ष समिति के संस्थापक और अध्यक्ष गौरीशंकर यादव हैं जो सामाजिक कार्यकर्ता और फुलपरास विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी रह चुके हैं।
मिथिलांचल संघर्ष समिति के अध्यक्ष गौरीशंकर यादव का कहना है कि समाज में न्याय, समानता और जनहित की रक्षा के लिए सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता, गरीबों को सहायता और सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी रोक जरूरी है। उन्होंने पंचायत से लेकर जिला स्तर तक जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने और जरूरतमंद परिवारों की मदद करने की बात कही है।
गौरीशंकर यादव ने कहा कि मिथिलांचल संघर्ष समिति की प्रमुख मांगों में से एक यह है कि पंचायत, प्रखंड, थाना, अनुमंडल और जिला स्तर के सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार में शामिल कर्मचारियों व अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उनका कहना है कि समाज में न्याय, समानता, जनहित और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएं।
बता दें कि हाल ही में घोघरडीहा में मिथिलांचल संघर्ष समिति के नवस्थापित कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों, समाजसेवियों, युवाओं और सैकड़ों नागरिकों की उपस्थिति में सामाजिक सुधार, जनहित और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को लेकर विस्तृत चर्चा की। समिति ने कहा कि उसका उद्देश्य एक ऐसा जागरूक, शिक्षित, भ्रष्टाचार-मुक्त और समरस समाज बनाना है, जहां सभी लोगों को समान अधिकार और न्याय मिल सके। समिति का नारा है-''न रिश्वत देंगे, न रिश्वत लेंगे-ईमानदारी से समाज बदलेंगे।''
मिथिलांचल संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें
1.पंचायत, प्रखंड, थाना, अनुमंडल और जिला स्तर के सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की जाए।
2.रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार में शामिल कर्मचारियों व अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
3.गांवों में शांति, सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने के लिए समय-समय पर जनजागरूकता बैठक आयोजित की जाए।
4.गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
5.ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर और जनस्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
6.गंभीर बीमारी से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों के इलाज और रक्तदान के लिए सहायता व्यवस्था विकसित की जाए।
7.अंधविश्वास, ऊंच-नीच, जातीय भेदभाव और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।
8.रिश्वत लेने और देने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।
9.गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए सहयोग दिया जाए।
10.किसान, मजदूर, महिलाएं और नौजवानों की समस्याओं को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया जाए।
11.पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए जनअभियान चलाया जाए।
12.समाज में न्याय, समानता, जनहित और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएं।
बतातें चलें कि मिथिलांचल संघर्ष समिति मुख्य रूप से बिहार के मधुबनी जिले (विशेषकर घोघरडीहा क्षेत्र) में सक्रिय एक सामाजिक संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास के खिलाफ जन-जागरण अभियान चलाना है। यह समिति स्थानीय स्तर पर सुशासन और अधिकारों के लिए संघर्ष करती है। बीते दिनों बैठक में निर्णय लिया गया कि कार्यालय उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। समिति के पदाधिकारियों ने आम लोगों एवं मिथिला हित से जुड़े नागरिकों से कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।