मानव तस्करी का प्रयास विफल, बचाइ गयी नेपाली नाबालिग बालिका

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jul 11, 2026, 10:57:00 AM

राज्य के मधुबनी जिले से खबर है। जहां भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 48वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, जयनगर की बाह्य सीमा चौकी जटही चेक पोस्ट, पीपरौन ने सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग नेपाली बालिका को मानव तस्करी का शिकार होने से बचाया तथा एक संदिग्ध युवक को पकड़ लिया।

मिली जानकारी के अनुसार दस जुलाई को दिन में सवा तीन बजे के करीब जटही चेक पोस्ट पर नियमित जांच के दौरान सीमा स्तंभ संख्या 284/35 के निकट लगभग 20 मीटर भारतीय क्षेत्र में नेपाल से भारत की ओर आ रहे एक युवक एवं एक नाबालिग बालिका को संदेह के आधार पर रोककर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान युवक ने बालिका को अपनी पत्नी बताया, किन्तु दोनों के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाए गए। नाबालिग बालिका अपने साथ आए युवक के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सकी तथा दोनों के पास कोई वैध पहचान पत्र भी नहीं था। परिस्थितियों एवं पूछताछ के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि युवक नाबालिग बालिका को शादी का झांसा देकर भारत लाने का प्रयास कर रहा था, जो मानव तस्करी का मामला प्रतीत हुआ।

एसएसबी द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। तत्पश्चात आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल की उपस्थिति में बालिका एवं संबंधित युवक को आगे की कार्रवाई के लिए नेपाल के गैर-सरकारी संगठन पीस रिहैबिलिटेशन सेंटर की काउंसलर को सुरक्षित सुपुर्द किया गया। 

48वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, जयनगर के कमांडेंट ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी की रोकथाम सशस्त्र सीमा बल की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सीमा क्षेत्र में नियमित जांच, सतर्क निगरानी एवं स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय के माध्यम से मानव तस्करी जैसी गंभीर गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा रहा है। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों से भी अपील की कि मानव तस्करी संबंधी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल सशस्त्र सीमा बल अथवा स्थानीय पुलिस को दें।

मधुबनी से पांडव की रिपोर्ट