जहानाबाद/बेतिया/बेगूसराय : बिहार में चल रहे सघन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) अभियान, कथित वोट चोरी, चंदा चोरी एवं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज यानी आठ अक्टूबर को राजधानी पटना सहित बिहार के अलग-अलग जिलों में इंडिया गठबंधन की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा है। एसआईआर के मुद्दे और चुनावी प्रक्रिया को लेकर इंडिया गठबंधन के आह्वान पर गुरुवार को जहानाबाद में आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च में इंडिया गठबंधन में शामिल विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
आक्रोश मार्च अरवल मोड़ से शुरू हुआ और शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए अंबेडकर चौक पहुंचा
आक्रोश मार्च अरवल मोड़ से शुरू हुआ और शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए अंबेडकर चौक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करते रहे। अंबेडकर चौक पर पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतलों का दहन किया गया।
SIR के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है - प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एसआईआर के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने और इस्तीफा देने की मांग की। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। मार्च में राजद के जिला अध्यक्ष महेश ठाकुर, राजद नेता शशि रंजन उर्फ पप्पू यादव, युवा नेता शैलेश कुमार यादव सहित इंडिया गठबंधन के विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम का नेतृत्व गठबंधन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया
कार्यक्रम का नेतृत्व गठबंधन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
बेतिया में SIR में गड़बड़ी के आरोप पर महागठबंधन का मार्च, CEC के खिलाफ नारेबाजी
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए महागठबंधन में शामिल विभिन्न दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को बगहा में मार्च निकाला। मार्च बगहा रेलवे स्टेशन से शुरू होकर अनुमंडल मुख्यालय के समीप स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सीईसी के इस्तीफे और कार्रवाई की मांग की।
पूर्व विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने चुनाव आयोग पर केंद्र सरकार के निर्देश पर काम करने का आरोप लगाया
मार्च में शामिल माले नेता एवं सिकटा के पूर्व विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने चुनाव आयोग पर केंद्र सरकार के निर्देश पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए और उन्हें मताधिकार से वंचित किया गया। उन्होंने कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष नरेश राम ने CEC पर संविधान के साथ धोखा करने का आरोप लगाया
वहीं, कांग्रेस जिला अध्यक्ष नरेश राम ने सीईसी पर संविधान के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने एसआईआर के दौरान जीवित लोगों को मतदाता सूची में मृत घोषित किए जाने का दावा किया। साथ ही उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में राशि भेजे जाने को लेकर भी सवाल उठाए और पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
बेगूसराय में SIR के खिलाफ इंडिया गठबंधन का हल्लाबोल, मोदी-शाह व ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को बेगूसराय में इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। कांग्रेस, राजद समेत इंडिया गठबंधन के तमाम कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और एसआईआर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया।
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। बताया गया कि यह कार्यक्रम बेगूसराय शहर के उत्तरी द्वार स्थित कैंटीन चौक पर आयोजित किया गया। निर्धारित समय पर कांग्रेस, राजद और इंडिया गठबंधन के विभिन्न दलों से जुड़े नेता और कार्यकर्ता वहां जुटने लगे। देखते ही देखते कैंटीन चौक राजनीतिक नारों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने एसआईआर को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया।
SIR को लेकर विपक्ष का बड़ा हमला
इंडिया गठबंधन के नेताओं का आरोप है कि एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर आम मतदाताओं के बीच कई तरह की आशंकाएं पैदा हुई हैं। विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। इसी विरोध को सड़क तक पहुंचाते हुए बेगूसराय में प्रदर्शन और पुतला दहन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची बेहद महत्वपूर्ण होती है और इससे जुड़े किसी भी फैसले में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है। विपक्षी नेताओं ने मांग की कि चुनाव आयोग पूरे मामले में स्पष्ट स्थिति सामने रखे और जिन सवालों को लेकर राजनीतिक दल और जनता चिंतित हैं, उनका जवाब दिया जाए।
मोदी-शाह और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी
पुतला दहन के दौरान प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाया। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि मतदाता के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवालों की है।
SIR का मुद्दा अब बिहार की राजनीति में लगातार गर्माता जा रहा है
बेगूसराय में हुए इस प्रदर्शन से साफ है कि एसआईआर का मुद्दा अब बिहार की राजनीति में लगातार गर्माता जा रहा है। सड़क पर उतरकर इंडिया गठबंधन ने अपनी एकजुटता दिखाने की कोशिश की है। वहीं, पुतला दहन और जोरदार नारेबाजी के जरिए केंद्र सरकार व चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष ने अपना राजनीतिक विरोध दर्ज कराया। फिलहाल बेगूसराय में हुए इस प्रदर्शन के बाद एसआईआर को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और बड़ा रूप ले सकता है।
जहानाबाद, बेतिया वे बेगूसराय से बरुण कुमार, परवेज आलम और अजय कुमार शास्त्री की रिपोर्ट