किसान-मजदूर संगठनों का जेल भरो आंदोलन, 19 सूत्री मांगों को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन

जहानाबाद। बिहार राज्य किसान सभा, सीआईटीयू, बिहार प्रांतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन जिला कमेटी जहानाबाद समेत विभिन्न किसान-मजदूर संगठनों ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय आह्वान पर जेल भरो आंदोलन किया।

जहानाबाद। बिहार राज्य किसान सभा, सीआईटीयू, बिहार प्रांतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन जिला कमेटी जहानाबाद समेत विभिन्न किसान-मजदूर संगठनों ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय आह्वान पर जेल भरो आंदोलन किया। आंदोलन के बाद संगठनों की ओर से जिला पदाधिकारी को 19 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।

बिहार राज्य किसान सभा के जिला सचिव दिलीप कुमार ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों से किसान, मजदूर और गरीब वर्ग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जबकि खाद-बीज की कीमत और कृषि लागत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कृषि उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, किसानों-मजदूरों का कर्ज माफ करने और खाद-बीज की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की।

आंगनवाड़ी सेविका वीणा कुमारी ने कहा कि महिलाओं और आंगनवाड़ी कर्मियों की समस्याओं पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब और मजदूर परिवारों के बच्चों एवं महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को मजबूत करने के साथ कर्मियों को उचित मानदेय और सुविधाएं मिलनी चाहिए।

ज्ञापन में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वापस लेने, मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं को रद्द करने, बिजली अधिनियम 2025 वापस लेने और पुराना मनरेगा कानून लागू करने की मांग की गई। इसके अलावा गरीब भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए जमीन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था के निजीकरण पर रोक और बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग भी शामिल है।

संगठनों ने खाद-बीज खरीद में किसान आईडी की बाध्यता खत्म करने, राशन कार्ड से नाम काटना बंद करने और सभी लाभुकों को वृद्धावस्था पेंशन देने की मांग उठाई। बाढ़, सुखाड़ और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था, बंद पड़े नलकूपों को चालू करने तथा सुखाड़ प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने की भी मांग की गई।

आंदोलनकारियों ने फल्गु नदी को सोन नदी से जोड़ने समेत अन्य मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।, वाक्य और संतोष को सही करते हुए अच्छा सा हेडलाइंस लिखें सलग लिखें

जहानाबाद से बरुण कुमार की रिपोर्ट