जहानाबाद। बिहार के जल अधिकारों और राज्य के व्यापक हितों को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने फरक्का (गंगा) जल संधि के नवीनीकरण का विरोध किया है। शुक्रवार, 11 सितंबर को जदयू जिला कार्यालय, जहानाबाद में “फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद” कार्यक्रम के तहत संयुक्त प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता को घोषी विधानसभा क्षेत्र के विधायक ऋतुराज कुमार और जदयू जिलाध्यक्ष प्रो. सुशील कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।
विधायक ऋतुराज कुमार ने कहा कि फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं है और इसके कारण राज्य को गंभीर नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य फरक्का जल संधि से बिहार पर पड़ने वाले प्रभाव को आम लोगों तक पहुंचाना और इस मुद्दे पर जनजागरूकता पैदा करना है।
उन्होंने बताया कि जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में “फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद” कार्यक्रम चलाया जा रहा है। अभियान की शुरुआत पांच सितंबर को बक्सर से हुई है और इसका समापन कटिहार में प्रस्तावित है। इन जिलों में बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं।
जिलाध्यक्ष प्रो. सुशील कुमार सिन्हा ने कहा कि जदयू का स्पष्ट मत है कि वर्ष 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल संधि का नवीनीकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की व्यवस्था या समझौता होता है तो उसमें बिहार की दीर्घकालिक जल आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार की वर्ष 2050 तक की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार करने की आवश्यकता है।
जदयू नेताओं ने दावा किया कि शुष्क मौसम में गंगा के जल प्रवाह में काफी कमी आ जाती है, इसके बावजूद फरक्का के माध्यम से बांग्लादेश को पानी उपलब्ध कराया जाता है। पार्टी का आरोप है कि इसका प्रतिकूल प्रभाव बिहार में सिंचाई, पेयजल, उद्योग और लोगों की आजीविका पर पड़ रहा है।
प्रेसवार्ता में नेताओं ने फरक्का बराज के कारण गंगा में गाद जमा होने और नदी तल ऊंचा होने की समस्या का भी मुद्दा उठाया। जदयू नेताओं के अनुसार, इससे बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की समस्या गंभीर होती है, जबकि शुष्क मौसम में जल उपलब्धता कम होने के कारण कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। पार्टी ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय जल समझौते का बड़ा प्रभाव बिहार को झेलना पड़ रहा है।
जदयू नेताओं ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि बिहार के जल अधिकारों और आम लोगों के हित से जुड़ा विषय मानकर उठा रही है। उनका कहना था कि गंगा से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने और फरक्का जल संधि पर पुनर्विचार के लिए केंद्र सरकार तक बिहार की आवाज पहुंचाना जरूरी है।
जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे फरक्का जल संधि से जुड़े विषयों और उसके प्रभावों को समझें तथा गांव, पंचायत और प्रखंड स्तर पर लोगों के बीच संवाद स्थापित कर जागरूकता अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि “नीतीश संवाद” जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवाद का माध्यम है।
प्रेसवार्ता में पूर्व जिलाध्यक्ष राजू सिंह, दिलीप कुशवाहा, जय प्रकाश चंद्रवंशी, जिला उपाध्यक्ष संजय सिंह, जिला प्रवक्ता रजनीश बिकु, मनोज चंद्रवंशी, मनीष शर्मा, प्रखंड अध्यक्ष चंपक शर्मा, विनय विद्यार्थी, प्रेम कुमार, राजकुमार पटेल, मधेश्वर यादव, शंकरदेव वर्मा, मुरारी यादव, बैजू सिंह, इकबाल अहमद सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में जिला प्रवक्ता रजनीश बिकु ने मीडिया प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
जहानाबाद से वरुण कुमार की रिपोर्ट