जमुई में पुलिस के ऑपरेशन मुस्कान अभियान ने एक बार फिर लोगों के चेहरों पर खुशी लौटा दी। लंबे समय से अपने खोए हुए मोबाइल फोन की तलाश कर रहे 25 लोगों को मंगलवार को उनका मोबाइल वापस मिल गया। समाहरणालय स्थित एसपी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसपी विश्वजीत दयाल एवं साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने बरामद किए गए 25 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे।
मोबाइल हाथ में आते ही लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। मोबाइल प्राप्त करने वालों में राजू साह, सुबोध वर्मा, नित्यानंद मंडल, बिट्टू कुमार, रहमत आलम, राम प्रवेश कुमार, नीलम कुमारी, सोहित कुमार, उषा देवी, मोहम्मद आदिल हुसैन, वीरेंद्र कुमार शर्मा, राहुल कुमार, प्रिंस कुमार, नंदन यादव, सूरज कुमार मांझी, राज कुमार, मो. बजीर, मनोज कुमार, रवि कुमार सिंह, बोलोबम ठठेरा, राम किशोर तांती, लक्ष्मी कुमारी, मनीष कुमार, मुकेश राम और राहुल कुमार राम शामिल रहे। मोबाइल वापस मिलने के बाद लाभुकों ने जमुई पुलिस का आभार जताते हुए ऑपरेशन मुस्कान की सराहना की। लोगों ने कहा कि मोबाइल खोने के बाद उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन दोबारा मिल पाएगा, लेकिन पुलिस की तकनीकी टीम की लगातार मेहनत से उनका मोबाइल वापस मिल सका।
इस मौके पर एसपी विश्वजीत दयाल ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और उनकी खोई या चोरी हुई संपत्ति को सुरक्षित वापस दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि मोबाइल फोन खोने या चोरी होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें। वहीं साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। एसपी ने कहा कि साइबर ठगी की जानकारी जितनी जल्दी पुलिस को मिलेगी, ठगी की रकम को रोकने और अपराधियों तक पहुंचने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक और साइबर टीम के लगातार प्रयास से इन मोबाइल फोन का पता लगाया गया है। ऑपरेशन मुस्कान अभियान आगे भी जारी रहेगा।
साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने लोगों को भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन खोने या चोरी होने पर पोर्टल के माध्यम से मोबाइल को ब्लॉक कराने का अनुरोध किया जा सकता है। मोबाइल वापस मिलने के बाद उसे दोबारा अनब्लॉक भी कराया जा सकता है। इसके साथ ही नागरिक पोर्टल के जरिए अपने नाम पर जारी मोबाइल सिम की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। इससे किसी व्यक्ति के नाम पर जारी फर्जी या अनधिकृत सिम का पता लगाने और उसके दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलती है।
जमुई से हेमंत सक्सेना की रिपोर्ट