मीडिया-प्रशासन महासंगम : 'विश्वास के साझेदार, विकास के सहयात्री' पर हुई ऐतिहासिक कार्यशाला

जिला प्रशासन और मीडिया के बीच रिश्तों को नई मजबूती देने और जमुई के विकास को नई उड़ान देने के लिए समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में एक ऐतिहासिक पहल हुई।

जमुई : जिला प्रशासन और मीडिया के बीच रिश्तों को नई मजबूती देने और जमुई के विकास को नई उड़ान देने के लिए समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में एक ऐतिहासिक पहल हुई। जिला जनसंपर्क कार्यालय के तत्वावधान में मीडिया एवं प्रशासन: विश्वास के साझेदार, विकास के सहयात्री विषय पर एक दिवसीय भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बीते एक वर्ष में जिला प्रशासन द्वारा किए गए अभूतपूर्व प्रयासों से मीडिया को रूबरू कराना और आने वाले समय में जमुई को बिहार के मानचित्र पर विकास के मॉडल के रूप में स्थापित करने के लिए प्रशासन और मीडिया की संयुक्त रणनीति बनाना था।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जमुई में बीते एक वर्ष के दौरान विकास और सकारात्मक बदलाव की जो लकीर खींची गई है, उसे जन-जन तक पहुंचाने में जमुई की मीडिया ने जो सक्रियता और सकारात्मकता दिखाई है, वह काबिले तारीफ है। मीडिया की वजह से ही प्रशासन की पहलों को व्यापक पहचान मिली और जिले की बदलती तस्वीर लोगों के सामने आई। उन्होंने अपने एक वर्ष के कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कभी नक्सलवाद के साये में रहने वाला सुदूर चोरमारा क्षेत्र आज लोकतांत्रिक भागीदारी और शांतिपूर्ण चुनाव का मिसाल बन गया है। यह जमुई के लिए सबसे बड़ा बदलाव है।

जिलाधिकारी ने जमुई के पर्यटन विकास का मेगा ब्लू प्रिंट पेश किया। उन्होंने कहा कि बरहट, लक्ष्मीपुर और चोरमारा में पर्यटन सुविधाओं के लिए भूमि चिह्नित की जा रही है। भीमबांध इको टूरिज्म सर्किट को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा। साथ ही गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र, गिद्धेश्वर मंदिर, नौलखा गढ़, परासी पहाड़, गरही डैम, लछुआर, कुंडघाट और महादेव सिमरिया जैसे 8 प्रमुख प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थलों को जोड़कर एक समेकित पर्यटन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परासी पहाड़ और गरही डैम के आसपास पर्यटकों के लिए रिसॉर्ट, पार्क और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। झाझा के प्रसिद्ध कुम्हैनी डैम के साथ-साथ श्री कृष्ण सिंह स्टेडियम और खेल भवन के जीर्णोद्धार की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है, जिससे जमुई में खेल प्रतिभाओं को नया मंच मिलेगा।

कार्यशाला में उद्योग पर भी बड़ा ऐलान हुआ। जिलाधिकारी ने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के चकाई भ्रमण के दौरान औद्योगिक विकास के जो निर्देश मिले थे, उस पर प्रशासन ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। चकाई में लगभग 9000 एकड़ भूमि औद्योगिक हब के लिए चिह्नित की गई है। यहां बड़े उद्योग लगने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और जमुई की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। पर्यटन और उद्योग दोनों को साथ लेकर जमुई को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

संवाद सत्र में मीडिया प्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। एक दैनिक समाचार पत्र के जिला ब्यूरो प्रमुख संजय सिंह ने नक्सलवाद के खात्मे के बाद आए बदलावों की चर्चा करते हुए स्टेडियम में क्रिकेट के लिए घास वाला विशेष मैदान विकसित करने का सुझाव दिया, जिसे जिलाधिकारी ने हाथों-हाथ स्वीकार किया। अन्य पत्रकारों ने शहर में जाम की समस्या और पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी पर भी अपने सुझाव रखे। कार्यक्रम में जिला प्रशासन द्वारा जमुई की बदलती तस्वीर पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण भी किया गया, जिसने सभी को भावुक कर दिया। अंत में उप विकास आयुक्त ने सभी मीडियाकर्मियों का आभार जताते हुए कहा कि प्रशासन और मीडिया का यह विश्वास का रिश्ता ही जमुई के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।

इस कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक जमुई, उप विकास आयुक्त जमुई, अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी झाझा व जमुई सहित जिले के सभी वरीय पदाधिकारी तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के सैकड़ों पत्रकार मौजूद रहे।

जमुई से हेमंत की रिपोर्ट