जमुई: जमुई शहर के नीमारंग मोहल्ले में नाबालिग बच्ची शहाना खातून की हत्या के मामले में पुलिस ने 8 दिन बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद सरफराज और मोहम्मद तनवीर के रूप में हुई है। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक 28 अगस्त की शाम नाबालिग शहाना खातून घर से दुकान पर सामान लेने के लिए निकली थी, जिसके बाद वह घर वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन उसका पता नहीं चला। अगले दिन 29 अगस्त को उसी मोहल्ले के एक निर्माणाधीन मकान से बच्ची का शव बरामद हुआ था। शव मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्ची के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की गई और विरोध करने पर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
कैसे पकड़े गए आरोपी ?
इस संबंध में प्रभारी SDPO सह साइबर DSP अभिषेक कुमार ने बताया कि घटना के समय दोनों आरोपी नशे की हालत में थे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर दोनों की पहचान की।
पुलिस टीम ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर कार्रवाई की। आरोपी मोहम्मद सरफराज को महिसौड़ी चौक के पास से जबकि मोहम्मद तनवीर को गौशाला के समीप से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और सभी तकनीकी साक्ष्यों को केस डायरी में शामिल किया जा रहा है।
कोलकाता भागने की थी तैयारी ?
वहीं स्थानीय लोगों और पुलिस सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि मुख्य आरोपी सरफराज घटना के बाद कोलकाता भागने की फिराक में था और अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने अपना हुलिया भी बदला था। बताया जा रहा है कि उसने बाल और मूंछ मुंडवा लिए थे। हालांकि पुलिस ने इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
फिलहाल दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
जमुई से हेमंत सक्सेना की रिपोर्ट