जमुई: अमर शहीद वीर अब्दुल हमीद की शहादत दिवस पर भव्य ऑल इंडिया मुशायरा, देशभर के शायरों ने गाए देशभक्ति के तराने

जमुई : हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अमर शहीद वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस के अवसर पर शहीद वीर अब्दुल हमीद एवं सैयद सुल्तान अलाउद्दीन फाउंडेशन की ओर से 18 सितंबर 2026 को जमुई स्थित शगुन वाटिका में भव्य ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ।

  • जमुई : हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अमर शहीद वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस के अवसर पर शहीद वीर अब्दुल हमीद एवं सैयद सुल्तान अलाउद्दीन फाउंडेशन की ओर से 18 सितंबर 2026 को जमुई स्थित शगुन वाटिका में भव्य ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 7 बजे हुई और देर रात तक अदब-नवाज श्रोता डटे रहे।

कार्यक्रम के आयोजक एवं फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष जेड. अली भुट्टो ने शहीद वीर अब्दुल हमीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन देशभक्ति, आपसी भाईचारे और हिंदी-उर्दू की साझा संस्कृति को मजबूत करने का माध्यम हैं। उन्होंने सभी शायरों और मेहमानों को सम्मानित भी किया।

मुशायरे में देश के विभिन्न हिस्सों से आए नामचीन शायरों और शायराओं ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में *अदनान प्रतापगढ़ी, नज्मे हसन प्रतापगढ़ी, शगुफ्ता अंजुम लखनवी, मोइन गिरिडीहवी, ज़ीशान भागलपुरी, मसूद अकरम काजमी, महबूब समस्तीपुरी, अलाउद्दीन ख़ान, शंकर कैमूरी तथा मंजू कुमारी इशरत (कोलकाता)* सहित कई प्रसिद्ध रचनाकारों ने शिरकत की और अपनी शायरी से समां बांध दिया।

इसके अलावा स्थानीय एवं अन्य गणमान्य रचनाकारों में *डॉ. मासूम एडवोकेट अमरथवी, डॉ. रिंकी कुमारी, डॉ. नूतन सिंह, डॉ. एस.एन. झा, इसराफिल शेरकंडी, महताब रहबर, अय्यूब साहब, इरशाद जखीरवी, अमानुल्लाह जखीरवी, फतह अमन जखीरवी और निगार आरा* सहित कई लोग मौजूद रहे।

आयोजन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए अनेक विशिष्ट अतिथियों ने भी भाग लिया। इनमें *परवेज सेठ अंसारी (पुणे), सय्यद सुल्तान अलाउद्दीन (पूर्व आर्मी ऑफिसर), सय्यद नौशाद आलम अमरथवी (मुंबई), मोहतसीम अख़्तर (अररिया), मोहम्मद मोईन, हसन इख़लाक़, शाहनवाज़, जमाल अहमद, नदीम अख़्तर, मुज़म्मिल हुसैन, मोहम्मद सिकंदर (टाटा), हशमत इमाम, हिफ्जुर रहमान, डॉ. आसिफ़ अख़्तर, मोहम्मद कैसर इक़बाल, मोहम्मद महताब, शमविल हैदर, अब्दुर रहमान आदिल* समेत कई गणमान्य लोग शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं ने शहीद वीर अब्दुल हमीद के देश के प्रति बलिदान को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की। मुशायरे में प्रस्तुत शायरी और कविताओं ने देशभक्ति, इंसानियत, भाईचारे और हिंदी-उर्दू की गंगा-जमुनी तहज़ीब का संदेश दिया।

फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अदब-पसंद, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। आयोजन ने श्रोताओं के बीच देशभक्ति और सामाजिक एकता का संदेश छोड़ा।

जमुई से हेमंत सक्सेना की रिपोर्ट