जमुई: आज साइकिल यात्रा एक विचार, जमुई के बैनर तले 8 सदस्यों ने जमुई प्रखंड से निकलकर कल्याणपुर, सिकरिया, सोनपे होते हुए जमुई प्रखंड के अंतर्गत बालाडीह ग्राम पहुँचकर 564वीं यात्रा पूर्ण की।
ग्रामवासी जीविका दीदी शिम्पी कुमारी द्वारा बताया गया कि जिस तरह आप लोग अपने व्यस्त कार्यशैली से थोड़ा समय निकालकर पर्यावरण संरक्षण में लगे हुए हैं, इसी तरह सभी लोगों की विचारधारा होनी चाहिए, तब जाकर यह पृथ्वी हमारे आने वाले भविष्य के लिए बची रह पाएगी।
सदस्य अजीत कुमार द्वारा मृदा संरक्षण पर जोर देते हुए बताया गया कि पृथ्वी पर एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन मिट्टी है, जो प्रत्यक्ष रूप से वनस्पतियों और अप्रत्यक्ष रूप से मानव जीवन तथा पशुओं की सहायता करती है। मिट्टी मानव जीवन के लिए अमूल्य है। जैसे हमारे जीवन के लिए हवा और पानी महत्वपूर्ण है, उसी तरह मिट्टी भी अति आवश्यक है।
मिट्टी हमारा और पेड़-पौधों का भरण-पोषण करती है। मानव की गलत गतिविधियों के कारण मृदा नष्ट और दूषित हो रही है, जिसका असर केवल धरती पर ही नहीं बल्कि सभी जीव-जंतु, पेड़-पौधे और मानव जाति पर दिख रहा है। इसलिए मृदा का संरक्षण बहुत जरूरी है। मृदा अपरदन से बचने का सबसे अच्छा तरीका वृक्षारोपण ही है।
आज की यात्रा में उपस्थित सदस्य - हरेराम सिंह, शेषनाथ राय, संदीप रंजन, राहुल ऋतुराज, अजीत कुमार, आँचल कुमारी, रविन्द्र, संजय कुमार आदि के साथ ग्रामीण उपस्थित थे।
जमुई से हेमंत सक्सेना की रिपोर्ट