जमुई : जिले के एक सरकारी विद्यालय की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आरोप है कि विद्यालय में निर्धारित रूटीन के अनुसार कक्षाओं का संचालन नहीं होता। प्रभारी शिक्षक खुद पढ़ाने के बजाय अन्य शिक्षकों के साथ बैठकर गपशप करते रहते हैं, जिसके कारण पूरा दिन कक्षाएं बाधित रहती हैं।
कक्षा के बाहर भटकते हैं बच्चे
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि शिक्षकों के लापरवाह रवैये के कारण बच्चे कक्षा में नहीं बैठते। वे विद्यालय परिसर में इधर-उधर भटकते रहते हैं। कई बार तो शिक्षक विद्यालय आकर सिर्फ उपस्थिति बनाते हैं और प्रभारी की मिलीभगत से विद्यालय से गायब हो जाते हैं।
आरोप है कि विद्यालय निर्धारित समय से काफी पहले ही बंद कर दिया जाता है। इस कारण बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है।
दुर्व्यवहार, बंद शौचालय और बदहाल भोजन
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि प्रभारी द्वारा बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है और छोटी-छोटी बातों पर गाली-गलौज भी की जाती है। मध्याह्न भोजन भी रूटीन के अनुसार बच्चों को नहीं दिया जाता।
सबसे बड़ी समस्या शौचालय को लेकर है। विद्यालय परिसर के अंदर शौचालय बना हुआ है, लेकिन हेडमास्टर द्वारा उसमें ताला लगा दिया जाता है। मजबूरी में छोटे-छोटे बच्चों को खुले में शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में बात करने पर ग्रामीणों के साथ भी प्रभारी द्वारा दुर्व्यवहार किया जाता है।
कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषी प्रभारी व शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। फिलहाल शिक्षा विभाग के अधिकारी मामले की जांच की बात कह रहे हैं।
जमुई से हेमंत सक्सेना की रिपोर्ट