जमुई: जमुई जिले में अधिवक्ता रुपेश कुमार सिंह के साथ पुलिस द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार के विरोध में आज जमुई व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया और कचहरी मार्ग पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस कारण पूरे दिन न्यायालय में कामकाज ठप रहा। मामले को लेकर जिला विधिज्ञ संघ जमुई की 27 सितम्बर की संध्या आम सभा हुई थी, जिसमें सर्वसम्मति से आज हड़ताल का निर्णय लिया गया था।
महासचिव ने बताया पूरा मामला
जिला विधिज्ञ संघ के महासचिव अमित कुमार ने बताया कि अधिवक्ता रुपेश कुमार सिंह के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार और अपमानजनक व्यवहार किया है। उनको बिना किसी उचित कानूनी प्रक्रिया के गिरफ्तार किया गया, थाने में अपमानित तरीके से पेश किया गया और उनका मोबाइल फोन तक छीन लिया गया।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था का अभिन्न अंग है। किसी भी सम्मानित अधिवक्ता के साथ इस तरह का विधि-विरुद्ध और सम्मान के प्रतिकूल व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संघ की 5 सूत्री मांगें-
संघ ने इस मामले में प्रशासन से मांग की है कि -
1. अधिवक्ता रुपेश सिंह के साथ हुई घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
2. घटना में शामिल पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाए।
3. जिले के सभी अधिवक्ताओं के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन आवश्यक निर्देश जारी करे।
4. भविष्य में किसी भी अधिवक्ता की गिरफ्तारी या कार्रवाई में कानून और निर्धारित प्रक्रिया का पूर्ण पालन किया जाए।
5. पीड़ित अधिवक्ता को उचित क्षतिपूर्ति और राहत प्रदान की जाए।
महासचिव अमित कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो संघ आगे लोकतांत्रिक और विधि सम्मत तरीके से बड़े आंदोलन पर विचार करेगा।
कचहरी मार्ग पर प्रदर्शन -
आज अध्यक्ष सीताराम सिंह और महासचिव अमित कुमार के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्ताओं ने कचहरी मार्ग पर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया और जेल भरो अभियान को गति दी। प्रदर्शन में पीड़ित अधिवक्ता रुपेश कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल थे।
महासचिव ने कहा कि जिला विधिज्ञ संघ कानून के शासन में पूर्ण विश्वास रखता है और किसी भी प्रकार के पुलिसिया दुर्व्यवहार का विरोध शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से करता रहेगा।
जमुई से निरंजन की रिपोर्ट