मोतिहारी/गोपालगंज : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज बाढ़ प्रभावित वैशाली जिला, सारण जिले के हैजलपुर मकेर, पूर्वी चम्पारण और गोपालगंज जिला के डुमरिया घाट ब्रिज और पुछरिया क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने डुमरिया घाट पर गंडक नदी के बढ़े हुए जलस्तर का स्थल निरीक्षण कर अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि डुमरिया घाट के पास गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग डेढ़ मीटर ऊपर है, रात में लगभग 50 सेंटीमीटर और बढ़ने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की अधिकारियों से जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी का निर्देश दिया
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी का निर्देश दिया। साथ ही पूरी तत्परता के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता शीघ्र पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता के साथ लोगों के बीच रहकर राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देनी है। जल संसाधन विभाग तटबंधों की सतत् निगरानी करे। आवश्यक सतर्कता बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा- साथ ही नाइट पेट्रोलिंग कराना सुनिश्चत करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि साथ ही नाइट पेट्रोलिंग कराना सुनिश्चत करें। प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ बेहतर समन्वय बनाकर आवश्यकता के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करे। प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई केंद्र के माध्यम से लोगों को भोजन एवं राहत उपलब्ध कराते रहें, इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए।
CM नीतीश के साथ डिप्टी सीएम, सांसद, विधायक के अलावा कई वरीय अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, सांसद राधामोहन सिंह, विधायक कृष्णनंदन पासवान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव, गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरव, पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात और गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी सहित अन्य वरीय अधकारी मौजूद थे।