संजू देवी हत्याकांड: कोर्ट ने पति, जेठ और गोतनी को सुनाई उम्रकैद की सजा

​गोपालगंज जिले में दहेज और पारिवारिक विवाद के कारण वर्ष 2022 में हुई संजू देवी की दाब से काटकर निर्मम हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।

गोपालगंज जिले में दहेज और पारिवारिक विवाद के कारण वर्ष 2022 में हुई संजू देवी की दाब से काटकर निर्मम हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-6 (ADJ-6) की अदालत ने मीरगंज थाना कांड संख्या 70/22 की सुनवाई करते हुए मामले में नामजद तीन अभियुक्तों को दोषी पाया है। कोर्ट ने मृतका के पति विजय साह, जेठ नंदजी साह और गोतनी बेबी देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने तीनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा न करने पर अभियुक्तों को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने मानवीय संवेदना और न्याय को ध्यान में रखते हुए आदेश दिया है कि अर्थदंड की कुल आधी राशि मृतका के अनाथ बच्चों को आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी।

दरअसल पूरा मामला मीरगंज थाना क्षेत्र के कासीम समईल गांव का है, जहाँ फुलवरिया क़े हरिहरा निवासी भभूती गोंड की पुत्री संजू देवी की शादी वर्ष 2001 में मीरगंज के कासीम समईल निवासी विजय साह के साथ हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। संजू देवी 'जीविका' स्वयं सहायता समूह में काम कर और मायके से मिलने वाली मदद के सहारे अपने बच्चों का भरण-पोषण कर रही थी। 

घटना के दिन संजू देवी राशन कार्ड के काम से अपने मायके आई थी और शाम को वापस ससुराल लौटी थी। उसी दिन शाम लगभग 6:30 बजे संजू देवी की पुत्री पूजा कुमारी ने अपने नाना को फोन कर रोते हुए सूचना दी कि उसकी मां की दाब से काटकर हत्या कर दी गई है। मृतका के पिता के बयान पर पुलिस ने पति विजय साह, भैंसुर (जेठ) नंदजी साह, गोतनी बेबी देवी समेत छह ससुराल वालों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी।

गोपालगंज पुलिस ने मामले का त्वरित, गहन और वैज्ञानिक अनुसंधान करते हुए कोर्ट में मजबूत साक्ष्य और आरोप-पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक  रमेश कुमार सिंह की धारदार पैरवी और पुलिस के ठोस प्रमाणों के आधार पर अदालत ने तीनों मुख्य अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट