गोपालगंज: जिले के बैकुण्ठपुर थाना क्षेत्र में किशोरी के साथ हुई छेड़खानी के मामले में न्यायालय एडीजे-6 सह पॉक्सो स्पेशल कोर्ट, गोपालगंज ने स्पीडी ट्रायल के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी बस चालक को 30 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 55,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जानकारी क़े मुताबिक बैकुण्ठपुर थाना इलाके में 8 दिसंबर 2025 को एसआर पब्लिक स्कूल की एक छात्रा छुट्टी के बाद घर लौट रही थी। इसी दौरान बस के चालक मंजीत कुमार सिंह पिता- रघुवर सिंह, मटिहारी निवासी ने उसके साथ छेड़खानी की। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर 9 दिसंबर 2025 को बैकुण्ठपुर थाने में धारा-64(2) बीएनएस एवं 4/6/8 पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस अनुसंधान के बाद नामजद अभियुक्त के खिलाफ कोर्ट में आरोप-पत्र समर्पित किया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए अभियुक्त मंजीत कुमार सिंह को दोषी पाया और धारा-65(2) बी०एन०एस० क़े तहत 30 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25,000 रुपये अर्थदंड, धारा-6 पॉक्सो एक्ट: 30 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25,000 रुपये अर्थदंड तथा धारा-8 पॉक्सो एक्ट: 05 वर्ष का कारावास एवं 5,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि का भुगतान न करने की स्थिति में अभियुक्त को संबंधित धाराओं में 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस मामले में विशेष लोक अभियोजक दरोगा सिंह द्वारा की गई प्रभावी पैरवी और अभियोजन के फलस्वरूप स्पीडी ट्रायल के अंतर्गत अभियुक्त को तेजी से सजा दिलाई जा सकी। अदालत के इस फैसले से समाज में एक कड़ा संदेश गया है।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट