'रोको महंगाई बांधो दाम नहीं तो होगी नींद हराम' माले ने किया पीएम मोदी का पुतला दहन

खाद्य पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतों और कमरतोड़ महंगाई के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन के तहत आज खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के बैनर तले भोरे में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।

भोरे (गोपालगंज)। खाद्य पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतों और कमरतोड़ महंगाई के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन के तहत आज खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के बैनर तले भोरे में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। खेग्रामस कार्यकर्ताओं ने भोरे बाजार के प्रमुख मार्गों से जुलूस निकाला, जो पेट्रोल पंप के पास पहुंचकर विरोध सभा में बदल गया। यहाँ कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया।

सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस के जिलाध्यक्ष सुबास पटेल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में महंगाई अपने चरम पर है, जिससे गरीबों और ग्रामीण मजदूरों की कमर टूट गई है। चीनी, प्याज, सरसों तेल और दाल जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बेतहाशा बढ़ने से गरीब परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने के बजाय आम जनता की समस्याओं से पूरी तरह मुंह मोड़ चुकी है।

पीडीएस प्रणाली के विस्तार की मांग

सुबास पटेल ने मांग की कि गरीबों को राहत देने के लिए जनवितरण प्रणाली को सुदृढ़ किया जाए। राशन दुकानों के माध्यम से केवल चावल और गेहूं देना काफी नहीं है, बल्कि इनके साथ चीनी, दाल, सरसों तेल और चना जैसी सामग्री भी नियमित व पर्याप्त मात्रा में गरीबों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

कालाबाजारी पर लगे रोक

कार्यक्रम में उपस्थित जिला परिषद प्रतिनिधि धर्मेन्द्र चौहान ने कहा कि महंगाई की सबसे ज्यादा मार खेतिहर मजदूरों और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रही है। उन्होंने सरकार से जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करते हुए आवश्यक वस्तुओं की दरों को नियंत्रित करने की अपील की। सभा को विश्वनाथ गुप्ता, राघव प्रसाद, फुलचन भारतीय और आइसा नेता प्रभात सिंह कुशवाहा ने भी संबोधित किया। 

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कॉरपोरेट घरानों के हित में नीतियां बना रही है, जबकि गरीबों और मजदूरों के हितों की अनदेखी की जा रही है। खेग्रामस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने बढ़ती कीमतों पर जल्द रोक नहीं लगाई और राशन दुकानों से जरूरी खाद्य सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र व व्यापक बनाया जाएगा।

गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट