गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र में 30 साल पहले हुए चर्चित जयप्रकाश मिश्रा हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मंगलवार को एडीजे-1 संजीव कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए सभी छह अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं साथ ही कोर्ट ने सभी आरोपियों पर 50 हजार रूपया अर्थ दंड लगाया हैं.अर्थ दंड नहीं देने पर अतिरिक्त 6 माह कि सजा सुनाई गई हैं.इससे पूर्व कोर्ट ने 11 अगस्त को ही सभी आरोपियों को दोषी करार दे दिया था।
यह वीभत्स घटना 13 दिसंबर 1996 को भोरे के बेलवा मिश्र गांव में घटी थी।
महज एक मामूली जमीन के टुकड़े के विवाद को लेकर गांव के ही दबंगों ने जयप्रकाश मिश्रा की लाठी-डंडों से बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस वारदात से पूरा इलाका दहल उठा था।कोर्ट ने जिन आरोपियों को सजा सुनाई हैं.उनमे भोरे थाना क़े बेलवा गांव निवासी.बच्चा मिश्र क़े पुत्र जगत मिश्रा, रामायण मिश्रा क़े पुत्र अरविंद मिश्रा, संजय मिश्रा, प्रमोद मिश्रा, नृसिंह मिसिर और हरेंद्र मिश्रा शामिल हैं।
30 वर्षों बाद जगी न्याय की उम्मीद..
करीब तीन दशक लंबे चले कानूनी संघर्ष और इंतजार के बाद आए इस फैसले से पीड़ित परिवार को आखिरकार न्याय मिला है। अदालत के इस सख्त फैसले से अपराधियों में कानून का खौफ और आम जनता में न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। यह यह फैसला पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अवधेश मिश्रा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता मोहम्मद शमीम की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है.
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट