भोरे को नगर पंचायत बनाने के प्रस्ताव पर विवाद, SDM बोले-रिपोर्ट फाइनल नहीं, माले ने जताया विरोध

​भोरे (गोपालगंज): भोरे को ग्राम पंचायत से नगर पंचायत का दर्जा देने की कवायद के बीच अब प्रशासनिक और राजनीतिक गतिरोध सामने आ गया है। SDM बोले-रिपोर्ट फाइनल नहीं, माले ने जताया विरोध।

भोरे (गोपालगंज): भोरे को ग्राम पंचायत से नगर पंचायत का दर्जा देने की कवायद के बीच अब प्रशासनिक और राजनीतिक गतिरोध सामने आ गया है। एक तरफ जहां अंचल कार्यालय सीओ ने प्रक्रिया पूरी होने का दावा किया है, वहीं हथुआ एसडीम SDM ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है। दूसरी ओर, भाकपा माले ने इस प्रस्ताव पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

अंचल स्तर से औपचारिकताएं पूरी: 

अंचल अधिकारी  अनुभव राय के अनुसार, भोरे को नगर पंचायत बनाने की प्रक्रिया वर्ष 2014 से चल रही थी। अंचल स्तर पर सभी आवश्यक कागजात और नजरी नक्शा तैयार कर हथुआ अनुमंडल कार्यालय को भेज दिया गया है। जिस  प्रस्ताव में भोरे के लच्छिचक और बेलवा मिश्र; खदही पंचायत के पांडेय चकिया, खजुराहा पांडेय, खजुराहा मिश्र व मिश्रौली; डूमर नरेंद्र पंचायत का सिधवा; और चकरवा खास पंचायत के नारू चकरवा व संसारपुर गांव शामिल हैं।

दावा: 

इन गांवों के जुड़ने से नगर पंचायत का क्षेत्रफल और आबादी बढ़ेगी, जिससे सड़कों के चौड़ीकरण, नाली-गली निर्माण, स्ट्रीट लाइट और सफाई जैसी शहरी सुविधाएं मिल सकेंगी।

अभी फाइनल रिपोर्ट नहीं, कई और गांव जुड़ेंगे: SDM

मामले पर हथुआ SDM अभिषेक कुमार चंदन ने कहा कि अभी केवल अंचल कार्यालय से प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। यह कोई फाइनल रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पंचायत के इस नजरी नक्शे और प्रस्ताव में अभी कई अन्य गांवों को भी जोड़ा जाना बाकी है।

एक वर्ग को खुश करने का आरोप, माले करेगा आंदोलन

प्रस्ताव के सार्वजनिक होते ही राजनीतिक विरोध शुरू हो गया है। भाकपा माले नेता सुभाष पटेल ने अंचल अधिकारी की रिपोर्ट को पूरी तरह से गलत बताया है। माले नेता का आरोप है कि यह प्रस्ताव किसी एक विशेष वर्ग को खुश करने की नीयत से तैयार किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसी 'कास्ट बेस' (जातिगत आधार) पर काम करेगी, तो माले इसके खिलाफ जोरदार आंदोलन चलाएगा।

गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट