गोपालगंज क़े भोरे में 'स्कूल ठीक करो, शिक्षा सुधारो' अभियान के तहत आइसा-आरवाईए के एक प्रतिनिधिमंडल ने भोरे स्थित गांधी स्मारक उच्च विद्यालय सह इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव और बदहाल प्रशासनिक व्यवस्था खुलकर सामने आई, जिस पर प्रतिनिधिमंडल ने गहरी नाराजगी जताई है।
निरीक्षण में उजागर हुई मुख्य समस्याएं
शिक्षकों व कमरों का अकाल:
विद्यालय में कुल 2300 छात्र-छात्राओं के नामांकन के मुकाबले महज 33 शिक्षक और 12 कमरे उपलब्ध हैं। इनमें से भी 3 कमरे अत्यंत जर्जर हैं. स्थिति यह है कि बच्चों की कक्षाएं बरामदे और लाइब्रेरी में चलाने को मजबूर होना पड़ रहा है.
विषय अध्यापकों की कमी:
कक्षा 6 से 8 में अंग्रेजी और संस्कृत विषय के शिक्षकों का अभाव है, जिससे बच्चों का पठन-पाठन सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है।
कागजी 'स्मार्ट क्लास':
स्मार्ट क्लास की व्यवस्था तो दिखाई गई है, लेकिन डिजिटल/स्मार्ट बोर्ड ही गायब है।
जर्जर भवन व जलजमाव:
परिसर सड़क से 2-3 फीट नीचे होने के कारण बारिश में भारी जलजमाव होता है। छतों से पानी टपकता है, कई बेंच टूटे हैं और महिला शौचालय का दरवाजा तक टूटा हुआ है।
निरीक्षण के बाद आइसा के जिलाध्यक्ष प्रभात सिंह कुशवाहा ने कहा कि सरकार के बेहतर शिक्षा के दावे जमीनी स्तर पर खोखले साबित हो रहे हैं। जिला पार्षद प्रतिनिधि धर्मेंद्र चौहान और भोरे मीडिया प्रभारी प्रवीण सिंह कुशवाहा ने कहा कि ग्रामीण और गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा विभाग ने इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो छात्रों और अभिभावकों को एकजुट कर उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
मौके पर आइसा जिलाध्यक्ष प्रभात सिंह कुशवाहा, प्रवीण सिंह कुशवाहा, जिला पार्षद प्रतिनिधि धर्मेंद्र चौहान, मुखिया प्रतिनिधि अर्जुन सिंह, 'स्कूल ठीक करो' कमेटी के गोविंद शर्मा व रोहित कुमार राम, तथा खेग्रामस जिलाध्यक्ष सुभाष पटेल समेत कई छात्र व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट