अर्नब तूफान ने किसानों की तोड़ी कमर, 100 बीघे से अधिक धान की फसल बर्बाद

गोपालगंज: अर्नब तूफान के असर से हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में लहलहा रही धान की फसल से लेकर कटाई के बाद खेतों में रखे धान तक को भारी नुकसान पहुंचा है। 100 बीघे से अधिक क्षेत्र में धान की फसल प्रभावित हुई है।

फुलवरिया/मांझा/गोपालगंज: अर्नब तूफान के असर से हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में लहलहा रही धान की फसल से लेकर कटाई के बाद खेतों में रखे धान तक को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, आलू और सरसों की बुवाई कर चुके किसानों के सामने भी फसल बर्बाद होने का संकट खड़ा हो गया है। शुरुआती आकलन के अनुसार, 100 बीघे से अधिक क्षेत्र में धान की फसल प्रभावित हुई है। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है और उनकी आर्थिक स्थिति पर भी संकट मंडराने लगा है।

बारिश और तेज हवा के कारण धान की खड़ी फसल खेतों में गिर गई है। इससे धान की बालियां जमीन से सट गई हैं। खेतों में पानी जमा होने के कारण फसल की कटाई और तैयार धान को सुरक्षित निकालना भी मुश्किल हो गया है। जिन किसानों ने धान काटकर खेतों में रखा था, उनकी फसल भी बारिश की चपेट में आ गई। नमी बढ़ने से धान के दाने खराब होने और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।

आलू और सरसों की खेती पर भी आफत...

तूफान की बारिश ने आलू और सरसों की खेती करने वाले किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। पूर्व के दिनों में आलू की बुवाई कर चुके किसानों के खेतों में पानी जमा होने से बीज सड़ने और अंकुरण प्रभावित होने का खतरा है। वहीं, सरसों की बुवाई के बाद खेतों में जलजमाव से बीज गलने की समस्या उत्पन्न हो रही है। इससे पौधों के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

किसानों का कहना है कि खेती में पहले ही बीज, खाद, जुताई और मजदूरी पर काफी खर्च हो चुका है। अब मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है। यदि जल्द खेतों से पानी नहीं निकला और मौसम अनुकूल नहीं हुआ, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

किसान अनिल शर्मा. गुड्डू प्रसाद बालेश्वर प्रसाद पप्पू महतो अन्य किसानों ने बताया कि खेती में पहले ही बीज, खाद, जुताई और मजदूरी पर काफी खर्च हो चुका है। अब मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है। 

गोपालगंज से कुमार अजय और संदीप कुमार की रिपोर्ट