अपराध का नया चेहरा: 'सूखे नशे' की मंडी बनता गोपालगंज, पुलिस ने कसी कमर

शराबबंदी वाले बिहार में अब 'सूखा नशा' पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बनता जा रहा है. हालांकि, गोपालगंज पुलिस नशे के इस अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए लगातार अभियान चला रही है.

गोपालगंज। शराबबंदी वाले बिहार में अब 'सूखा नशा' पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बनता जा रहा है. हालांकि, गोपालगंज पुलिस नशे के इस अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए लगातार अभियान चला रही है. जिले के एसपी विनय तिवारी के निर्देशों के बाद पुलिस टीम मुस्तैद है और लगातार तस्करों को सलाखों के पीछे भेज रही है. लेकिन हैरानी इस बात की है कि जिस राज्य में शराबबंदी कानून लागू है. जहां नशे को लेकर सख्त निगरानी रखी जा रही है. और कानून के कड़े नियम के तहत पुलिस सजा भी दिलवा रही है. उस राज्य में आखिर सुखे नशे पर विराम क्यों नहीं लग रहा है.

पुलिस की कार्रवाई यह बता रही है कि नशे के सौदागर गिरफ्तार किए जा रहे हैं लेकिन हैरत की बात यह है कि इतनी सख्त कानून के बाद इस पर लगाम क्यों नहीं लग पाया. भले सरकार अपनी प्राथमिकता गिनाये लेकिन एक बात तो साफ है कि सूखे नशे का बढ़ता कारोबार कहीं ना कहीं पुलिस के लिए अब सर दर्द बनता जा रहा है. 

सरकार के लिए गले की फांस बनी 

बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर कई बार सरकार की किरकिरी हो चुकी है. इस बीच सूखे नशे पर पूर्णविराम लगाना बिहार पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है. आज इसी कड़ी में फिर गोपालगंज जिले के कटेया और कुचायकोट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांजा और स्मैक के साथ दो धंधेबाजों को गिरफ्तार किया है. कटेया पुलिस ने जहाँ 100 ग्राम गांजे के साथ तस्कर सीता सिंह को गिरफ्तार किया है. 

वहीं कुचायकोट पुलिस ने 27.8 ग्राम स्मैक और नकद रुपये के साथ एक महिला धंधेबाज को गिरफ्तार किया है. वहीं एसपी विनय तिवारी के द्वारा जारी किए गए प्रेस रिलीज में जो बात सामने आई है, वह हैरान करने वाली है. पुलिस की पूछताछ में महिला ने यह कहीं नहीं कहा है कि वह उसका सेवन करती है. उसने साफ कहा है कि उसने यह मादक पदार्थ कुचायकोट क़े जावेद से खरीदा था और वह पुल के नीचे बैठकर बेचती है. 

इससे एक और बात साफ हो रहा है कि कहीं ना कहीं काली कमाई का जरिया अब सूखा नशा बनते जा रहा है. धंधेबाज अब नई जनरेशन को इसका शिकार बनाने में लगे हैं. अब सरकार को और प्रशासन को जागरूकता और सख्त पहरे से इसपर नकेल कसा जा सकता है.

  गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट