थाने में नहीं सुनी जा रही शिकायत तो सीधे DGP कंट्रोल रूम में करें फोन, जारी हुए दो हेल्पलाइन नंबर
यदि किसी व्यक्ति की शिकायत स्थानीय थाना स्तर पर अपेक्षित तरीके से नहीं सुनी जा रही है या पुलिस की कार्यप्रणाली से संबंधित कोई समस्या है, तो वह बिहार पुलिस के DGP कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबरों पर अपनी शिकायत, सूचना या सुझाव दे सकता है।

बिहार के आम नागरिकों के लिए पुलिस से जुड़ी शिकायत और समस्या को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। यदि किसी व्यक्ति की शिकायत स्थानीय थाना स्तर पर अपेक्षित तरीके से नहीं सुनी जा रही है या पुलिस की कार्यप्रणाली से संबंधित कोई समस्या है, तो वह बिहार पुलिस के DGP कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबरों पर अपनी शिकायत, सूचना या सुझाव दे सकता है। इसके लिए 9031829339 और 9031829340 मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए गए हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार जनवरी 2026 में इन नंबरों को आम लोगों के लिए सार्वजनिक किए जाने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पटना हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में भी इन नंबरों का उल्लेख Police Helpline के रूप में किया गया।इन हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से पुलिस से संबंधित शिकायत, कानून-व्यवस्था की समस्या, स्थानीय स्तर पर शिकायत की अनदेखी अथवा पुलिस की कार्यप्रणाली से जुड़ी जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकती है।
हालांकि आपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क करने के बजाय बिहार पुलिस की 112 Emergency Helpline का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। अपराध के दौरान तत्काल सहायता, हिंसा या जान-माल के खतरे जैसी परिस्थितियों में 112 पर संपर्क करना अधिक उपयुक्त है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी भी शिकायत को दर्ज कराते समय घटना की तारीख, स्थान, संबंधित थाना, केस, सनहा या FIR की जानकारी उपलब्ध होने पर स्पष्ट रूप से देनी चाहिए। शिकायत से जुड़े दस्तावेज और प्रमाण भी सुरक्षित रखना जरूरी है। शिकायत में केवल सत्य और सत्यापन योग्य तथ्यों का उल्लेख किया जाना चाहिए तथा झूठी, मनगढ़ंत या दुर्भावनापूर्ण शिकायत से बचना चाहिए।
DGP कंट्रोल रूम के ये नंबर किसी व्यक्ति के निजी मोबाइल नंबर नहीं, बल्कि पुलिस हेल्पलाइन के रूप में सार्वजनिक किए गए सरकारी संपर्क नंबर बताए गए हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर शिकायत के समाधान में कठिनाई आने पर नागरिक इन माध्यमों के जरिए अपनी बात उच्च स्तर तक पहुंचा सकते हैं। जागरूक नागरिकों के लिए जरूरी है कि वे अपने अधिकारों को जानें और शिकायत के लिए उपलब्ध आधिकारिक माध्यमों का जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करें।
अनूप नारायण सिंह










